
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
पलवल:उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रात 10 बजे के बाद डीजे या तेज ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय तथा प्रशासनिक नियमों के अनुसार रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि प्रदूषण करने पर प्रतिबंध है। आदेश की अवहेलना करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर डीजे उपकरण भी जब्त किए जा सकते हैं।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी को त्योहारों, शादियों और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान निर्धारित समय सीमा का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने आम नागरिकों, आयोजकों और डीजे संचालकों से अपील की कि वे नियमों का सम्मान करें और जिला प्रशासन का सहयोग करें। ध्वनि प्रदूषण से बुजुर्गों, बच्चों, विद्यार्थियों और मरीजों को परेशानी होती है, इसलिए यह कदम जनहित में उठाया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और पुलिस विभाग को नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। यदि कहीं भी निर्धारित समय के बाद डीजे बजाया गया तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य जिला में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है।

उपायुक्त ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण एक गंभीर समस्या है। इसे नियंत्रित करने के लिए न्यायालय और सरकार द्वारा शोर की सीमा तय की गई है। सामान्यतः: दिन के समय शोर की सीमा लगभग 55 डेसिबल निर्धारित की गई है। अत्यधिक शोर से अनिद्रा, तनाव, उच्च रक्तचाप और सुनने की क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यदि सभी नागरि सहयोग करें, तो हम एक शांत, स्वस्थ और संतुलित वातावरण का निर्माण कर सकते हैं, जिससे समाज के हर वर्ग को लाभ होगा।
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