Athrav – Online News Portal
टेक्नोलॉजी फरीदाबाद

मीडिया शिक्षा में थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल पर हो जोर, उद्योग और शिक्षण संस्थान मिलकर काम करें


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद:जे.सी. बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय वाईएमसीए,फरीदाबाद के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा ‘डिजिटल युग में मीडिया, समाज और सार्वजनिक विमर्श’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान मीडिया शिक्षा और उद्योग की वर्तमान जरूरतों के बीच तालमेल बिठाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा में कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, वरिष्ठ पत्रकार और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन के दिग्गजों ने हिस्सा लिया और मीडिया शिक्षा में आ रहे बदलावों पर गहन मंथन किया।
इस संवाद सत्र में विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। मंच संचालन रवि के. धर ने किया। उन्होंने शुरुआत में ही स्पष्ट किया कि विभाग का नाम ‘संचार और मीडिया प्रौद्योगिकी’ पूरी तरह से उपयुक्त है क्योंकि संचार केवल पत्रकारिता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बहुत व्यापक और बहु-विषयक क्षेत्र है।

परिचर्चा के दौरान जे.सी.बोस विश्वविद्यालय कुलगुरु प्रो.राजीव कुमार ने एनईपी-2020 की प्रशंसा करते हुए इसे शिक्षा क्षेत्र में होने वाले परिवर्तन में मील का पत्थर बताया। इस बात का समर्थन करते हुए श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि कौशल विश्वविद्यालय में इस थ्योरी-प्रैक्टिकल के अनुपात को बदलने का सफल प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में मीडिया स्टूडियो का निर्माण भी छात्रों को बेहतरीन व्यावहारिक ज्ञान देने के उद्देश्य से ही किया गया था। सुपवा के कुलगुरु अमित आर्य और गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. संजय कौशिक ने भी रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर अपने विचार रखे।इस अवसर पर जे.सी. बोस विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने सभी के सुझावों का स्वागत किया और उन पर अमल करने का आश्वासन दिया।परिचर्चा के दौरान मीडिया विशेषज्ञ योगेंद्र चौधरी ने एक गंभीर मुद्दा उठाया कि वर्तमान में शिक्षक उद्योग की वास्तविक जरूरतों को समझकर छात्रों को नहीं पढ़ा रहे हैं। उन्होंने उद्योग जगत, सरकार और शिक्षण संस्थानों को एक साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। ‘फरीदाबाद वॉयस’ के सौरभ भारद्वाज ने कहा कि तीन साल की डिग्री पूरी करने के बाद भी छात्रों का व्यावहारिक ज्ञान लगभग शून्य होता है। उन्होंने वर्तमान के 80 प्रतिशत क्लासरूम और 20 प्रतिशत प्रैक्टिकल के अनुपात को पूरी तरह से उलटने की आवश्यकता जताई।

वरिष्ठ और पूर्व टीवी पत्रकारों ने वर्तमान मीडिया के हालात पर चिंता व्यक्त की। पूर्व ज़ी न्यूज़ पत्रकार अमित प्रकाश ने कहा कि आज टीवी न्यूज़ चैनलों में अच्छे संपादकों और ‘ग्राउंड जीरो रिपोर्टिंग’ की भारी कमी हो गई है। एंकरों ने अब रिपोर्टरों की जगह ले ली है। ज़ी न्यूज़ के हर्षवर्धन ने टिप्पणी की कि आज की पत्रकारिता में रीयल से ज्यादा ‘रील’ का प्रभाव हावी हो गया है। ‘हिंदू बिजनेस टाइम्स’ के शिशिर ने कहा कि कोई भी संस्थान अपने आप में एक पत्रकार नहीं गढ़ सकता और केवल ‘सीयूइटी’ के जरिए सही प्रतिभा खोज संभव नहीं है।वरिष्ठ पत्रकार जयदीप कार्णिक ने कहा कि पत्रकारिता में नौकरियों की कोई कमी नहीं है, बस जरूरत है कि छात्रों को लगातार प्रशिक्षित करने के लिए छोटे-छोटे समूह बनाए जाएं। वहीं, अमर उजाला के प्रतिनिधि ने सुझाव दिया कि उद्योगपतियों को अपने ‘सीएसआर फंड’ का इस्तेमाल विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए करना चाहिए। पेंगुइन पब्लिशिंग के श्रीराम ने ग्रेडिंग सिस्टम को बांटने वाला बताया। कैपिटल टीवी के प्रवक्ता ने कहा कि आज के छात्र अपना करियर बनाने से ज्यादा केवल 3 महीने की इंटर्नशिप में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ पत्रकार बी.वी. राव ने परिचर्चा का सटीक निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि भारत की मुख्य समस्या बेरोजगारी नहीं है, बल्कि युवाओं का रोजगार के अयोग्य होना है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को खुद के कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करने की सख्त जरूरत है और मीडिया संस्थानों को भी भर्ती करने से पहले उम्मीदवारों का कठोरता से परीक्षण करना चाहिए।इस महत्वपूर्ण परिचर्चा में सीएमटी विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह, डीन प्रो.अतुल मिश्रा, डीन प्रो.अनुराधा शर्मा, प्रो. राजेश कुमार, प्रो.संजीव गोयल, एनएचपीसी के वित्त प्रमुख महेश शर्मा, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन के अभय कुमार सिंह, सम्मेलन के कोऑर्डिनेटर डॉ.राहुल आर्य, डॉ.सोनिया हुड्डा और डॉ. अखिलेश त्रिपाठी सहित कई अन्य विशेषज्ञ, फैकल्टी, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Related posts

दिन दहाड़े कार में सवार एक जवान उम्र के शख्स को बातों में उलझा कर तलवार से काट डाला

Ajit Sinha

फरीदाबाद:माइनिंग माफिया ने पुलिस पार्टी पर किया हमला, 3 हमलाबारों को पुलिस ने किया अरेस्ट, हरकत बर्दाश्त नहीं-सीपी

Ajit Sinha

चंडीगढ़ ब्रेकिंग: हरियाणा सरकार 8275 एफआईआर लेगी वापिस-सीएम मनोहर लाल

Ajit Sinha
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
error: Content is protected !!
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x