अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़:हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने आज रोहतक जिला का दौरा कर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की तथा प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से हरियाणा पुलिस की प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए। इस बैठक में पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक तथा थाना प्रभारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान डीजीपी ने अधिकारियों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों, कार्यप्रणाली तथा जन-अपेक्षाओं पर विस्तृत चर्चा की। डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस की न कोई जाति है और न ही कोई धर्म, बल्कि उसकी एकमात्र पहचान जनता की सेवा, सुरक्षा और विश्वास है। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा का मूल उद्देश्य आम नागरिक की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करना है। जनता जब पुलिस के पास आती है तो उसे भरोसे और सम्मान के साथ व्यवहार मिलना चाहिए। डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन-शिकायतों के निवारण में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि पुलिस की कार्यप्रणाली जनता-केंद्रित, पारदर्शी और जवाबदेह बनी रहे।

सिंघल ने आज रोहतक जिला में सीसीटीएनएस लैब का भी अपने कर कमलों से उद्घाटन किया। डीजीपी ने कहा कि पिछले दो दशकों में हरियाणा पुलिस ने ढांचागत विकास, तकनीकी संसाधनों और पेशेवर दक्षता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज पुलिसिंग केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म और डेटा आधारित कार्यप्रणाली से संचालित हो रही है। सीसीटीएनएस प्रणाली अपराध रिकॉर्ड के सटीक प्रबंधन, जांच प्रक्रिया में तेजी तथा विभिन्न जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिससे अपराध नियंत्रण और अनुसंधान को नई दिशा मिल रही है।कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने कहा कि आज से करीब दो दशकों पहले पुलिस विभाग में स्थिति बिल्कुल अलग थी। आज हरियाणा पुलिस में न केवल ढांचागत सुविधाओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है बल्कि तकनीक, टर्नआउट सहित अन्य क्षेत्रों में भी हाईटैक हुई है। यद्यपि प्रदेश में अपराध दर में कमी आई है, लेकिन हमारा प्रयास है कि हम सिस्टम में विद्यमान गैप्स को दूर करें ताकि हमारी कार्यप्रणाली पहले से बेहतर हो सके।। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि थाना स्तर पर अपराध के पैटर्न का नियमित विश्लेषण किया जाए तथा यह चिन्हित किया जाए कि किन क्षेत्रों में किस प्रकार के अपराध की प्रवृत्ति बढ़ रही है। अपराध की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी,प्रभावी गश्त और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय की जाएगी।डीजीपी सिंघल ने कहा कि प्रभावी पुलिसिंग के लिए पुलिस और जनता के बीच मजबूत विश्वास और संवाद अत्यंत आवश्यक है। कम्युनिटी पुलिसिंग के माध्यम से समाज को पुलिसिंग प्रक्रिया का सहभागी बनाया जा सकता है, जिससे अपराध की रोकथाम में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि समाज की हरियाणा पुलिस से क्या अपेक्षाएं है और हमें इन अपेक्षाओं पर किस प्रकार खरे उतरना है। हम आमजन से जितना अधिक संपर्क में रहेंगे हमारा सूचना तंत्र उतना ही अधिक सुदृढ़ होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गली-मोहल्लों, बाजारों, होटल, रेस्टोरेंट, नर्सिंग होम, पेट्रोल पंप, बैंक, स्कूल, कॉलेज, धार्मिक स्थलों एवं औद्योगिक क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, इन कैमरों की गूगल मैपिंग कर प्रत्येक थाना क्षेत्र में सूची तैयार की जाए, ताकि किसी भी घटना की स्थिति में जांच और कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।डीजीपी ने कहा कि नशा तस्करी समाज के लिए गंभीर चुनौती है और हरियाणा पुलिस इसके विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी से जुड़े मामलों की मॉनीटरिंग स्वयं प्रदेश सरकार द्वारा की जाती है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही अस्वीकार्य है। इसके अतिरिक्त फिरौती मांगने वाले अपराधियों, संगठित गिरोहों तथा वांछित एवं अति-वांछित अपराधियों के खिलाफ कड़ी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सीआईए टीमों को और अधिक सक्रिय करने, सुदृढ़ पेट्रोलिंग व्यवस्था लागू करने तथा गुमशुदा बच्चों एवं व्यक्तियों की तलाश के मामलों में तत्परता और संवेदनशीलता से कार्य करने पर विशेष बल दिया।पुलिसकर्मियों के कल्याण पर प्रकाश डालते हुए डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस अपने पुलिसकर्मियों के कल्याण, सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एचडीएफसी बैंक के सहयोग से एक्स-ग्रेशिया योजना के तहत अब तक लगभग 300 करोड़ रुपये की राशि पुलिसकर्मियों के परिजनों को वितरित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की बेटियों के विवाह हेतु 5 लाख रुपये की सहायता राशि, आवासीय सुविधाओं का विस्तार, नियमित स्वास्थ्य जांच, बैंक्वेट हॉल की सुविधा तथा बच्चों की शिक्षा के लिए 2 लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध करवाने की दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं।
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