
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़:हरियाणा में जल्द ही देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की सीटी बजने वाली है। उत्तर रेलवे द्वारा जींद और सोनीपत के बीच चलाई जाने वाली इस ट्रेन को लेकर तैयारियों को अन्तिम रूप दिया जा चुका है। इस ट्रेन को ईंधन आपूर्ति के लिए जींद में स्थापित किए गए हाइड्रोजन प्लांट को अंतिम कमीशनिंग एवं नियमित संचालन के दौरान स्थिर और निर्बाध 11 केवी विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा आज इस सम्बन्ध में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के अधिकारियों के साथ हाइब्रिड मोड में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्लांट की वर्तमान विद्युत आपूर्ति स्थिति , बैक-अप व्यवस्थाओं और भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई।मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि महत्वाकांक्षी इस परियोजना के लिए भविष्य में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए बिजली आपूर्ति प्रणाली की नियमित समीक्षा की जाए तथा वैकल्पिक व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को भी सुदृढ़ रखा जाए।

बैठक में अवगत कराया गया कि इस हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना के लिए जीन्द में 3000 किलोग्राम भंडारण क्षमता का देश का सबसे बड़ा हाइड्रोजन प्लांट स्थापित किया गया है, जो अब कमीशनिंग के अंतिम चरण में है। चूंकि यह प्लांट 24×7 आधार पर संचालित होगा, इसलिए निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है।डीएचबीवीएन के अधिकारियों ने मुख्य सचिव को आश्वस्त किया कि प्लांट को स्थिर विद्युत आपूर्ति प्रदान की जा रही है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त निगरानी एवं त्वरित रखरखाव की व्यवस्था भी की गई है। बैठक में बताया गया कि उत्तर रेलवे ने भी प्लांट को की जा रही विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता पर संतोष जताया है।बैठक में डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक विक्रम यादव वीडियो काॅन्फ्रेंस से जुड़े जबकि मुख्य अभियंता राजेन्द्र सभ्रवाल भी मौजूद रहे।
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