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फरीदाबाद व्यापार

फरीदाबाद: ट्रेड लाईसेंस देने की प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए पूरी प्रक्रिया पेपरलेस व आनलाईन कर दिया है- डा. यश

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
 फरीदाबाद नगर निगम के आयुक्त डा. यश गर्ग ने औद्योगिक जगत व व्यापारियों को एक बड़ी राहत देते हुए हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 330 व 331 के तहत औद्योगिक व वाणिज्यिक इकाईयों को ट्रेड लाईसेंस देने की प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए इसके लिए आवेदन करने से लेकर लाईसेंस जारी होने की पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस व आनलाईन कर दिया है, जिसके लिए उन्होंने निगम के कराधान विभाग व संयुक्त आयुक्तों को बाकयदा लिखित आदेश भी जारी कर दिये हैं।  डा. गर्ग ने उम्मीद जाहिर की है कि इस निर्णय से लाईसेंस प्राप्त करने वाले लोगों की एक बड़ी समस्या का समाधान हो गया है। इसके इलावा सम्पति कर और पानी व सीवर चार्जिज सेवाओं को भी आनलाईन करने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है, जिन्हें शीघ्र ही आनलाईन कर दिया जायेगा।     

निगमायुक्त डा. यश गर्ग ने आज यहां बताया कि अब किसी भी दुकानदार, व्यापारी व उद्योगपति को ट्रेड लाईसेंस प्राप्त करने के लिए नगर निगम के कार्यालय में आने की आवश्यकता नहीं होगी। हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 के तहत जिन औद्यागिक ईकाईयों व व्यापारिक संस्थानों को ट्रेड लाईसेंस लेना जरूरी होता है, उन्हें अब सरल हरियाणा पोर्टल पर जा कर अपनी ईकाई का मलकियत आदि का सबूत व आई.डी.प्रुफ अपलोड करके इसके लिए आवेदन करना होगा। इसके बाद सभी आवश्यक जानकारी फीड करने के बाद आवेदन सबमिट करना होगा। आनलाईन स्वीकृति के बाद निगम कार्यालय में आने की बजाए आनलाईन प्रक्रिया से ही निर्धारित शुल्क जमा करके वे अपना लाईसेंस आनलाईन डाउनलोड कर सकंेगे।  निर्धारित शुल्क का विवरण शहरी स्थानीय निकाय विभाग, हरियाणा की यू.एल.बी. बेबसाईट पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दशक में निगम क्षेत्र में विकसित औद्योगिककरण की तुलना में निगम के द्वारा गत वर्ष में जारी किए गए ट्रेड लाईसेंस की संख्या केवल 2500 के लगभग है, जबकि इसकी संख्या कम से कम 1 लाख से अधिक निश्चित तौर से होनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि इस मामले पर औद्योगिक संगठनों, व्यापार मण्डलों और निगम के कराधान विभाग के अधिकारियों की बैठक में गहन विचार-विमर्श किया गया तो इस निष्कर्ष पर पहंुचा गया कि जटिल प्रक्रिया और निगम कार्यालय में चक्कर काटने से होने वाली परेशानी के चलते औद्योगिक इकाईयां व व्यापारी ट्रेड लाईसेंस नहीं बनवाते है जिसके परिणामस्वरूप निगम को प्रति वर्ष करोड़ों रूपये राजस्व की हानि हो रही है। इन सारी बातों पर गहन मंथन करने के बाद और हरियाणा सरकार के द्वारा सरकारी व्यवस्था को पेपरलेस, पारदर्शितापूर्ण व भ्रष्टाचारमुक्त करने की नीति पर अमल करते हुए निगम प्रशासन ने ट्रेड लाईसेंस प्राप्त करने की सेवाओं को आनलाईन कर दिया है। डा. गर्ग ने निगम क्षेत्र के सभी औद्योगिक संगठनों, व्यापार मण्डलों और व्यापारियों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाएं और बिना किसी देरी के निगम को लाईसेंस फीस अदा करके ट्रेड लाईसेंस प्राप्त करें।

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