अजीत सिन्हा / नई दिल्ली
राहुल गांधी ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा – हरीश चौधरी, ब्रह्म मोहिंदरा, हमारे कैंडिडेट राजेंद्र सिंह कंबोज, दरबारा सिंह, हरि मान जी, विष्णु शर्मा जी, मदन लाल जी, साधु सिंह जी, हरदयाल सिंह कंबोज जी, स्टेज पर हमारे वरिष्ठ नेता, प्यारे कार्यकर्ता, भाइयों और बहनों, आप सबका यहाँ बहुत-बहुत स्वागत, नमस्कार।
पंजाब का चुनाव है, बड़े-बड़े वायदे बीजेपी के लोग, आम आदमी पार्टी के लोग, अकाली दल के लोग सब वायदे कर रहे हैं। मुझे याद है 2014 में नरेन्द्र मोदी जी आते थे, पगड़ी पहनते थे और फिर कहते थे 2 करोड़ युवाओं को हर साल मैं रोजगार दे दूंगा। 15 लाख रुपए मैं बैंक अकाउंट में डाल दूंगा। अब नहीं कहते हैं, अब पंजाब आते हैं, तो रोजगार की बात नहीं करते, कालेधन को मिटाने की बात नहीं करते। आज आते हैं, बीजेपी के लोग आते हैं, ड्रग्स की बात करते हैं। कहते हैं अगर हमारी सरकार आएगी, तो हम ड्रग्स के खिलाफ इंस्टीट्यूट खोलेंगे। अरे भैया, आपकी सरकार नहीं आने वाली है, टाइम जाया क्यों कर रहे हैं आप? 2013 में मैं पंजाब आया, पंजाब यूनिवर्सिटी में मैंने भाषण दिया और भाषण में मैंने कहा कि पंजाब के युवाओं के सामने सबसे बड़ी समस्या, सबसे बड़ा खतरा ड्रग्स है। बीजेपी के लोग और अकाली दल के लोगों ने कहा – राहुल गांधी बकवास कर रहा है। राहुल गांधी को कोई समझ नहीं है। पंजाब में ड्रग्स की कोई समस्या नहीं है। बीजेपी के लोगों ने कहा, अकाली दल के लोगों ने कहा, बादल जी ने कहा, जूनियर बादल ने। मैंने बात बोली, क्योंकि मैं सोच समझ कर बोलता हूं। मेरे बारे में आप दो चीजें समझ लीजिए, जब मैं मुँह खोलता हूं, सोच-समझ कर बोलता हूं और आपको अच्छा लगे या खराब लगे, मैं इस स्टेज से झूठे वायदे नहीं करुंगा। आप मुझे मतलब 24 घंटे बोलो राहुल जी, जाकर झूठा वायदा कीजिए, मैं नहीं करुंगा। मुझे उसमें इंट्रस्ट ही नहीं है। झुठे वायदे सुनने हैं, बहुत सारे लोग आपको झूठे वायदे कर देंगे, मोदी जी हैं, बादल जी हैं, केजरीवाल जी हैं, लिस्ट है। मुझे सीखाया गया है, मुँह खोलने से पहले सोच कर, समझ कर मुँह खोलो और जब मुँह खोलो तो सच बोलो, झूठ नहीं बोलो। ये हिंदुस्तान में अलग-अलग लोगों ने कहा है। गुरु नानक जी, जिन्होंने पंजाब को पूरी दुनिया को रास्ता दिखाया, जिनसे मैं भी बहुत सीखा हूं, रोज सीखता हूं। उन्होंने भी यही कहा था – मुँह खोलने से पहले सोच कर, समझ कर, अहंकार को मार कर मुँह खोलो और जब मुँह खोलो, तो सच्ची बात करो। ये गुरु नानक देव जी ने रास्ता दिखाया है।
कोरोना आया, पार्लियामेंट के सामने खड़े होकर मैंने कहा, जैसे मैंने पंजाब यूनिवर्सिटी में कहा था, वैसे मैंने कोरोना के समय कहा – हिंदुस्तान को भयंकर चोट लगने जा रही है। सुनामी आने जा रही है। दिल्ली की सरकार से, हिंदुस्तान की सरकार से एक बार नहीं, अनेक बार मैंने कहा कि नुकसान होने जा रहा है, तैयारी करो। वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, इन चीजों को तैयार करो। आंधी आने वाली है, तूफान आने वाला है, मजाक उड़ाया। एक तरफ मैं कह रहा हूं कि नुकसान होने वाला है, लाखों लोग मरने जा रहे हैं, दूसरी तरफ प्रधानमंत्री कहते हैं, भैया, ताली बजाओ, थाली बजाओ। थाली बजाने के बाद कहते हैं, भाइयों और बहनों अब मोबाइल फोन की लाइट चमकाओ और जो व्यक्ति सच बोल रहा है, जो पूरे देश को बता रहा है कि यहाँ पर जबरदस्त नुकसान होने वाला है, उसका बीजेपी के लोग, प्रधानमंत्री, अमित शाह, ये सब, आम आदमी पार्टी के लोग, अकाली दल के लोग कह रहे हैं, नहीं, इसको कोई समझ नहीं है। तूफान आया, कहाँ गायब हो गए ये लोग? आज आम आदमी पार्टी कहती है हमने मोहल्ला क्लीनिक खोला। सबसे पहले मोहल्ला क्लीनिक शीला दीक्षित जी ने खोले थे, पहला झूठ। दूसरा झूठ, ये जो आपके मोहल्ला क्लीनिक थे, ये कोविड के समय कहाँ गायब हो गए? कोरोना के दौरान दिल्ली में जो हर रोज हमें टीवी पर अस्पताल के बाहर, गाड़ियों में, बिना ऑक्सीजन के लोग मरते दिखे, तब मोहल्ला क्लीनिक कहाँ थे, ऑक्सीजन के सिलेंडर कहाँ थे, वेंटिलेटर कहाँ थे? पंजाब में हमने काम किया, कोरोना से हमने लड़ाई लड़ी, झूठे वायदे नहीं किए। जब मैंने ड्रग्स के बारे में कहा था, मजाक उड़ाया गया। कोरोना के बारे में कहा, मजाक उड़ाया। नोटबंदी के समय मैंने बोला कि हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। आपको याद होगा नरेन्द्र मोदी जी ने कहा था – मुझे चौराहे पर जो मर्जी सजा दे देना, नरेन्द्र मोदी जी ने कहा मुझे फांसी पर लटका देना, अगर नोटबंदी से कालाधन नहीं मिटा। रो कर कह रहे थे, मुझे लटका देना, अगर कालाधन नहीं मिट गया, अगर आपके बैंक अकाउंट में पैसा नहीं आया, मुझे लटका देना। क्या हुआ? भूल गए, लाइन में खड़े थे आप। आप लाइन में खड़े थे, हम सब लाइन में खड़े थे। अजीब बात है।
मोदी जी ने नोटबंदी से कालेधन मिटाने की बात की, हिंदुस्तान के सब गरीब, किसान, मजदूर, छोटे दुकानदार वो लाइन में खड़े बैंक के सामने और अरबपति, एक भी अरबपति लाइन में नहीं खड़ा। मतलब अरबपतियों के पास 500 रुपए और 1000 रुपए का नोट नहीं था क्या? आपने देखा, आपकी लाइन में कोई अरबपति खड़ा था, एक भी खड़ा था – नहीं, तो क्या उनके पास पैसा नहीं था क्या? उनके पास 500 रुपए, 1000 रुपए के नोट नहीं थे क्या? तो कोरोना के समय मैंने कहा, नोटबंदी के समय मैंने कहा, ड्रग्स के बारे में मैंने कहा और आज मैं आपको बता रहा हूं और मैं गहरी बात बोल रहा हूं, इसको आप गहराई से समझिए। पंजाब के लिए सबसे जरुरी चीज – पंजाब के अंदर शांति है। ये जो प्रदेश है, ये प्रदेश है, ये कोई लेबोरेटरी नहीं है, केमिस्ट्री लैब नहीं है जहाँ पर कोई एक्सपेरिमेंट किया जाए। ये केमिस्ट्री लैब नहीं है, ये बॉर्डर स्टेट हैं, सेंसेटिव स्टेट है। कांग्रेस पार्टी पंजाब को जानती है, समझती है। कांग्रेस पार्टी पंजाब में शांति मेंटेन कर सकती है। मेरी बात याद रखना, ये जो वायदे कर रहे हैं आपसे, अगर इन्हें एक बार भी मौका मिल गया तो ये बर्बाद कर देंगे पंजाब को, आग लग जाएगी पंजाब में। याद रखना मेरी बात। हम पंजाब को एक साथ, हर धर्म को, हर जाति को एक साथ लेकर चलते हैं। कांग्रेस पार्टी पंजाब को गहराई से समझती है। हमारे यहाँ हजारों वर्कर शहीद हुए हैं। हम हिंसा को समझते हैं और हम जानते हैं कि अगर पंजाब में शांति चली गई, तो पंजाब का कुछ नहीं बचेगा और हम मर जाएंगे, मगर पंजाब से शांति को नहीं जाने देंगे। अब देखिए, 2004 से मैं राजनीति मैं हूं। जो नया आता है, पहले कहता है, देखो, वो मोदी जी हैं, देखो वो केजरीवाल हैं, देखो वो राहुल गांधी है। नया होता है, उसको समझ नहीं आती है बात, उसको सिर्फ चेहरा दिखता है। मगर जिसमें थोड़ा एक्सपीरियंस होता है, वो देखता है, कहता है – चेहरा है, मगर इसके पीछे शक्ति कौन सी है? भाइयों और बहनों, मैं यहाँ खड़ा हूं, आप ये सवाल पूछिए, इस व्यक्ति के पीछे शक्ति कौन सी है। नरेन्द्र मोदी खड़े हैं, आप उनका चेहरा मत देखिए, आप ये सवाल पूछिए – ये जो व्यक्ति खड़ा है, इसके पीछे कौन सी-कौन सी छुपी हुई शक्तियां हैं, ये सवाल पूछिए और फिर उसके जो एक्शन हैं, वो जो करता है, उनको देखिए, फिर आपको राजनीति समझ आएगी। अब आप देखिए उदाहरण, नरेन्द्र मोदी खड़े हैं, नरेन्द्र मोदी जी कहते हैं कि नोटबंदी करुंगा, क्या नरेन्द्र मोदी जी के पीछे गरीबों की शक्ति है ? ना, गरीबों को तो नुकसान हो रहा है। नरेन्द्र मोदी जी तीन बिल लाते हैं, काले बिल, किसानों की जिंदगी को बर्बाद करने वाले बिल। भाइयों और बहनों वो एक व्यक्ति नहीं है, उस व्यक्ति के पीछे शक्तियां को पहचानिए। पीछे शक्तियां छुपी रहती हैं, दिखती नहीं हैं, छुपी रहती हैं। आपको लगता है देखो, कितने अच्छे कपड़े पहने हैं मोदी जी ने, कितना अच्छा भाषण करते हैं, आप सोचते हैं कि ये तो एक व्यक्ति हैं, ना,ना,ना, व्यक्ति नहीं है, व्यक्ति के पीछे शक्ति कौन सी है? किसान बाहर खड़े हैं, सड़क पर एक साल के लिए खड़े हैं। नरेन्द्र मोदी जी उनकी शक्ति हो ही नहीं सकते, नहीं तो किसानों को खड़े ही नहीं रहना पड़ता, 700 किसान क्यों मरते। अगर नरेन्द्र मोदी जी में उनकी शक्ति होती, तो 700 किसान को शहादत नहीं देनी पड़ती। अब देखिए, कौन सी शक्ति नरेन्द्र मोदी जी के पीछे है, वो भी समझा देता हूं आपको- एक तरफ किसान। तो जो किसानों के हाथ में है, उसको कौन छीनने की कोशिश कर रहा था – हिंदुस्तान के सबसे बड़े तीन-चार अरबपति। तीन-चार अरबपति कहते हैं कि किसानों के पास, किसानों के खेतों में, सरकारी वेयर हाउस में बहुत धन है, हमें वो धन चाहिए। छुपी हुई शक्ति नरेन्द्र मोदी जी के पीछे। केजरीवाल आते हैं, अब आप सोचिए, इस व्यक्ति के पीछे कौन सी शक्तियां छुपी हैं। अगर आप उस बात को समझ जाओगे, अगर आप शांति से, आंख बंद करके समझ जाओगे कि केजरीवाल जी के पीछे कौन सी शक्ति छुपी है
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