
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
दिल्ली पुलिस अकादमी, झरोदा कलां, नई दिल्ली ने 100 प्रशिक्षु कांस्टेबलों (बैच संख्या 126) के लिए पासिंग आउट और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया। इन प्रशिक्षुओं ने सफलतापूर्वक अपना प्रशिक्षण पूरा कर लिया है और अब दिल्ली पुलिस बल में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। इस अवसर पर उप-निदेशक राजबीर सिंह मुख्य अतिथि थे। नीचे समारोह की मुख्य झलकियां दी गई हैं:
प्रशिक्षण कार्यक्रम अवलोकन
• शैक्षणिक प्रशिक्षण: प्रशिक्षुओं ने पुलिस प्रक्रियाओं, आपराधिक कानून, अपराध विज्ञान, साइबर-अपराध और फोरेंसिक विज्ञान में शिक्षा प्राप्त की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे आवश्यक कानूनी और प्रक्रियात्मक ज्ञान से लैस हैं।

• शारीरिक प्रशिक्षण: प्रशिक्षुओं ने निहत्थे युद्ध, गोलीबारी, आतंकवाद विरोधी उपायों और खेल, योग और जिम अभ्यास जैसी शारीरिक फिटनेस गतिविधियों में भाग लिया।
• विशेष प्रशिक्षण दंगा प्रबंधन, आतंकवाद से संबंधित घटनाओं और शारीरिक फिटनेस और सहनशक्ति के निर्माण पर केंद्रित है। इन प्रशिक्षुओं को आपदा प्रतिक्रिया और हथियार संचालन के लिए भी प्रशिक्षित किया गया। इसके अलावा, अपने कमांडो कोर्स के हिस्से के रूप में, रिक्रूट कांस्टेबलों को विस्फोटकों और आईईडी, कमांडो रणनीति प्रशिक्षण, फील्ड क्राफ्ट, छापे के बारे में मूलभूत ज्ञान प्राप्त हुआ।
• ऑल-राउंड बेस्ट ट्रॉफी सीटी अमित कुमार को प्रदान की गई, जो आउटडोर में भी प्रथम स्थान पर रहे।
• W/Ct मुकेश रानी इनडोर में प्रथम, Ct रॉकी कुमार कमांडो ट्रेनिंग में प्रथम, जबकि Ct वीरेंद्र सिंह और W/Ct ज्योति पुलिस प्रक्रियाओं में प्रथम स्थान पर रहे। परेड कमांडर सीटी रोहन चौधरी ने बैच की ओर से आरआरयू प्रमाणपत्र प्राप्त किया।

एडी/प्रशिक्षण का स्वागत भाषण
रिछपाल सिंह, एडी/डीपीए ने प्रशिक्षुओं को बधाई दी और अनुशासन, टीम वर्क और सार्वजनिक सेवा के मूल्य के महत्व पर प्रकाश डाला, जो प्रशिक्षण के दौरान उनमें पैदा हुआ था। उन्होंने प्रशिक्षुओं के बीच विविधता के बारे में भी बात की और यह कैसे पुलिस बल को मजबूत करता है। कुल संख्या में से 15 दिल्ली से, 28 हरियाणा से, 25 यूपी से, 24 राजस्थान से, 05 एमपी से और 01 पंजाब, उत्तराखंड और केरलम से हैं। उन्होंने पासिंग आउट होने वाले पुलिसकर्मियों को शपथ भी दिलाई।
मुख्य अतिथि का संबोधन
डीपीए के उप निदेशक राजबीर सिंह ने प्रशिक्षुओं को बधाई दी और उन्हें प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को अपने क्षेत्र के कर्तव्यों में लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान से उन्हें देश की राजधानी में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने में मदद मिलेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे किसी भी कानून एवं व्यवस्था की स्थिति में पहले प्रतिक्रियाकर्ता होंगे और उन्हें लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि उनका आचरण बल की छवि को परिभाषित करता है। प्रशिक्षुओं के परिवार के सदस्य, डीपीए के अधिकारी एवं राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) के प्रतिनिधि डॉ अभिषेक अवध (सहायक प्रोफेसर) एवं महेंद्र कुमार (प्रशासन अधिकारी) भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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