अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी एपस्टीन फाइल आने को लेकर विचलित हैं, इसी कारण उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के सामने अपने घुटने टेक दिए और भारतीय किसानों के हितों की बलि दे दी।खरगे ने कहा कि ट्रेड डील से अमेरिकी किसान अमीर और भारतीय किसान गरीब होंगे, जिस पर अमेरिका की कृषि मंत्री ने खुश होकर कहा है कि इससे अमेरिका के पास खूब पैसा आएगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय संबोधन पर तीखा पलटवार करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे “स्तरहीन” और “झूठ से भरा” बताया। राज्यसभा में प्रधानमंत्री के 97 मिनट के भाषण को तथ्यों से परे बताते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के पास विपक्ष के सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रधानमंत्री के भाषण पर प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता नहीं है, फिर भी उनकी स्तरहीन बातों का जवाब देना जरूरी है क्योंकि झूठी बातों को दोहराना उनका पुराना काम रहा है। खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का मनोबल टूट चुका है और वे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सवालों से इस कदर डरे हुए हैं कि सदन में बैठने से कतराते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार संसद को जानबूझकर नहीं चलाना चाहती और लगातार संसद ठप होना लोकतंत्र की विफलता है।

इंटेलिजेंस इनपुट के बहाने पीएम के लोकसभा में न आने पर खरगे ने पूछा कि अगर सरकार की इंटेलिजेंस इतनी ही चौकस है, तो पुलवामा हमला क्यों हुआ? देश में दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों पर हो रही लिंचिंग को इंटेलिजेंस क्यों नहीं रोक पाती?पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब को लेकर खरगे ने मोदी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब यह किताब सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, तो रक्षा मंत्री और गृह मंत्री संसद में यह क्यों कह रहे हैं कि किताब प्रकाशित ही नहीं हुई? खरगे ने इसे संसदीय विशेषाधिकार का हनन बताते हुए कहा कि राहुल गांधी द्वारा उठाए गए तथ्यों से सरकार घबरा गई है। उन्होंने कहा कि जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने यह मुद्दा उठाया, तो सरकार को मिर्ची लग गई और तथ्यों का जवाब देने के बजाय व्यक्तिगत हमले किए गए।सिख समुदाय के अपमान वाले प्रधानमंत्री के बयान को खरगे ने खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी सिखों का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा डॉ. मनमोहन सिंह को दो बार प्रधानमंत्री बनाना इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने याद दिलाया कि मोदी ने खुद डॉ. मनमोहन सिंह के लिए ‘रेनकोट पहनकर नहाने’ जैसी अभद्र टिप्पणी कर सिखों का अपमान किया था। उन्होंने आगे कहा कि सदन के बाहर दो लोगों के बीच दोस्ताना बातचीत को सिखों का अपमान बताया जा रहा है जबकि प्रधानमंत्री मोदी न सिखों का आदर करते हैं, न दलितों का और न ही आदिवासियों का।कांग्रेस अध्यक्ष ने पंडित जवाहरलाल नेहरू जी द्वारा स्थापित किए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ‘दिवाला निकालने वाले कारखाने’ कहे जाने को देश के गौरवशाली इतिहास का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि नेहरू जी के शासन में एचएमटी, एचएएल और भेल जैसे संस्थानों ने देश के औद्योगिक विकास की नींव रखी, लेकिन मौजूदा सरकार उन्हें खत्म करने का इरादा रखती है।खरगे ने भाजपा को दलित विरोधी बताते हुए यह भी याद दिलाया कि 2014 में भाजपा सरकार चाहती तो अपने विवेकाधीन अधिकारों का इस्तेमाल कर उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाया जा सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
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