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हरियाणा

फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण रूप से लगाईं प्रतिबंध, ब्लॉक स्तर पर कमेटी गठित.डीसी

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
पलवल:उपायुक्त डा. मनीराम की अध्यक्षता में लघु सचिवालय के सभागार में खेतों में गेहूं के फसल अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लगाने बारे बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें संबंधित अधिकारियों फसल अवशेष जलाने के संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने व फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर पलवल के उपमंडल अधिकारी (ना.) जितेंद्र कुमार, होडल के उपमंडल अधिकारी (ना.) वत्सल वशिष्ठï, हथीन के उपमंडल अधिकारी (ना.) वकील अहमद, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी शमशेर सिंह नहरा, होडल के तहसीलदार गुरुदेव सिंह, पलवल के तहसीलदार रोहताश, कृषि विभाग के उपमंडल अधिकारी कुलदीप तेवतिया, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौजूद थे।

उपायुक्त ने कहा कि तहसील तथा ब्लॉक स्तर पर मोबाइल स्क्वायड टीम गठित की जाए। यह टीमें गांवों में जाकर निरीक्षण करेंगी तथा यह सुनिश्चित करेंगी कि कोई भी किसान कृषि अवशेष न जलाए। इस कार्य में ग्राम स्तरीय कमेटियों व जागरूक ग्रामीणों का भी सहयोग लिया जाए। उन्होंने बताया कि पर्यावरण प्रदूषण की सं ाावना के मद्देनजर फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। इसके साथ ही फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषण के साथ जनजीवन के स्वास्थ्य, जान-माल की हानि व तनाव जैसी स्थितियों की संभावना बनी रहती है, इन अवशेषों से पशुओं के लिए भूसा बनाया जा सकता है। फसल अवशेष जलाने से पशुओं के लिए चारे की भी कमी हो जाती है तथा जमीन के मित्र कीट भी नष्ट हो जाते हैं, जिसके कारण जमीन की उपजाऊ शक्ति समाप्त होने लगती है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष जलाने के दोषी व्यक्ति के खिलाफ हरियाणा राज्य प्रदूषण नियन्त्रण अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही भी अमल में लाई जा सकती है। उन्होंने संबंधित विभागों व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विशेष कार्यक्रम चलाकर फसल के अवशेष व पराली को न जलाने बारे पंचायत प्रतिनिधियों व किसानों प्रेरित करें व उन्हें शपथ दिलाएं कि वे न तो स्वयं पराली जलाएंगे तथा न किसी को जलाने देंगे। इस दिशा में अच्छा कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को पुरस्कार के लिए प्रोत्साहित करें। उप-मंडल स्तर पर कृषि और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोडल अधिकारियों को नियमित रिपोर्टिंग के लिए नामित किया जाए। अधिकारियों के वाट्ïसअप ग्रुपों पर सभी जानकारी शेयर की जाए।

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