
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद:भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम(मनरेगा) का नाम बदलने और इसके मूल प्रावधानों में बदलाव कर अधिनियम को कमजोर करने के विरोध में आज सेक्टर-9 स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस सेवादल की चेयरपर्सन पूनम चौहान व जिलाध्यक्ष बलजीत कौशिक सहित अन्य नेताओं ने प्रेस वार्ता को सम्बोधित किया।इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक ने हरियाणा प्रदेश कांग्रेस सेवादल की चेयरपर्सन पूनम चौहान, पंचकूला महिला विंग सेवादल की चेयरपर्सन सुनीता शर्मा का बुके देकर स्वागत किया।हरियाणा प्रदेश कांग्रेस सेवादल की चेयरपर्सन पूनम चौहान कहा कि कांग्रेस द्वारा मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान पूरे देश में चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नए नियम में भाजपा मजदूरों के काम करने के संवैधानिक अधिकार को छीन रही है। जबकि कांग्रेस हर परिवार को न्यूनतम 100 दिनों के काम की कानूनी गारंटी मिलती थी। हर गांव में काम की कानूनी गारंटी दी जाती थी। भाजपा के नए प्रावधान में अब पंचायत के पास कोई कानूनी गारंटी नहीं रहेगी। काम केवल मोदी सरकार द्वारा चुने गए गांवों में ही मिलेगा।

पुराने नियम में पूरे साल काम की मांग कर सकते थे। कानूनी न्यूनतम मजदूरी की गारंटी दी गई थी, जब नए नियम में फसल कटाई के मौसम में काम नहीं मिलेगा। मोदी सरकार मजदूरी अपनी मर्जी से मनमाने ढंग से तय करेगी। पुराने नियम में पंचायत के माध्यम से अपने ही गांव के विकास के लिए काम मिलता था। काम में मनरेगा मेट और रोजगार सहायकों का सहयोग मिलता था। नए नियम के अनुसार अब आप कहां और क्या काम करेगें, यह मोदी सरकार अपने पसंदीदा ठेकेदारों के माध्यम से मनमाने ढंग से तय करेगी। अब किसी मेट या रोजगार सहायक का सहयोग नहीं मिलेगा।

पुराने नियम में मजदूरी का 100 प्रतिशत भुगतान केन्द्र सरकार करती थी, इसलिए राज्य सरकार बिना किसी चिंता या कठिनाई के काम उपलब्ध कराती थी। नए नियम में अब राज्य सरकारों को मजदूरी का 40 प्रतिशत हिस्सा खुद देना होगा, खर्च बचाने के लिए हो सकता है, वो काम ही उपलब्ध न कराएं। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक ने केन्द्र सरकार से मांग की है कि काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी, जवाबदेही की गारंटी, मनरेगा में किए गए बदलावों की तत्काल वापसी करें। काम के संवैधानिक अधिकार की पूर्ण बहाली साथ ही न्यूनतम वेतन 400 रूपए दिया जाऐं। ताकि गांव का गरीब, मजदूर व किसान मनरेगा का कार्य आसानी से कर सकें और उसे दूर दराज क्षेत्र में जाकर काम न ढूंढना पड़े। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले से ही संवैधानिक संस्थाओं को खत्म कर रही है और अब दलित, मजदूर, गरीबों पर वीबी जी राम जी कानून लाकर उनके अधिकारों पर हनन कर रही है।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

