अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद: सेक्टर-33 स्थित विद्युत मंत्रालय के राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान (एनपीटीआई) में अनिवार्य फाउंडेशन कोर्स के 31वें बैच का उद्घाटन किया गया। जिसमें ऊर्जा मंत्रालय द्वारा सेंट्रल पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (CPSUs) के तहत आने वाले पीएफसी, ग्रिड-इंडिया और एनएचपीसी के 100 से अधिक नए कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि एम. जी. गोखले, सदस्य (हाइड्रो) सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) उपस्थित रहे। जिनका स्वागत पौधा भेंट कर ग्रिड ऑपरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन के सदस्य एवं एनपीटीआई के महानिदेशक हेमंत जैन ने किया।कार्यक्रम के उद्घाटन उद्बोधन में डॉ.इंदु माहेश्वरी, प्रिंसिपल डायरेक्टर (ट्रेनिंग) ने कहा कि यह फाउंडेशन कोर्स पावर सेक्टर का एक समग्र (होलिस्टिक) अवलोकन प्रदान करता है। इसमें जेनरेशन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन, नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली बाजार, अकाउंटिंग, फाइनेंस तथा ऊर्जा संक्रमण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है। डॉ. वत्सला शर्मा, डायरेक्टर (ट्रेनिंग) ने मुख्य अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम समन्वयन की जिम्मेदारी डॉ. के.पी.एस. परमार, डॉ. महेंद्र सिंह, राहुल पांडे और अनुराग राय ने निभाई।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि एम. जी. गोखले, सदस्य (हाइड्रो), Central Electricity Authority (CEA) ने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि व्यक्ति को परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालना और परिवर्तन को स्वीकार करना सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान में कोई कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता; सौंपा गया प्रत्येक दायित्व महत्वपूर्ण होता है और वही व्यक्ति को भविष्य के लिए परिपक्व बनाता है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि सही, सटीक और नवीनतम जानकारी जहां से भी मिले, उसे ग्रहण करते रहें और स्वयं को निरंतर अपडेट रखें।उन्होंने यह भी कहा कि कार्य को केवल पद या विषय की सीमाओं में न देखें—इंजीनियर होने का अर्थ यह नहीं कि व्यक्ति केवल इंजीनियरिंग से जुड़े कार्य ही करेगा। व्यक्ति का स्वभाव समस्या-समाधान केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों को नियमित रूप से नोट्स या डायरी लिखने की आदत विकसित करने तथा असफलताओं से भयभीत न होकर उनसे सीख लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।ग्रिड ऑपरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन के सदस्य एवं एनपीटीआई के महानिदेशक हेमंत जैन ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि एनपीटीआई शैक्षणिक शिक्षा के साथ-साथ रचनात्मकता, सांस्कृतिक, शारीरिक स्वास्थ्य और व्यावहारिक अनुभव को बढ़ावा देने के लिए भी कोर्स डिज़ाइन करता है। उन्होंने अपने सुनहरे समय को याद करते हुए कहा कि उनकी पहली ट्रेनिंग भी इसी एनपीटीआई में हुई थी और मैं आज इस 60 साल से पावर सेक्टर में सेवा दे रहे एनपीटीआई का हिस्सा बनकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।
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