Athrav – Online News Portal
चंडीगढ़ हरियाणा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैसाखी महोत्सव 2026 के राज्य स्तरीय समारोह में की शिरकत


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
चंडीगढ़:हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश व प्रदेश की सरकार गुरु साहिबानों के सिद्धांतों एवं शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रही हैं। ऐसा करके गुरु परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार को कुरुक्षेत्र के केडीबी मेला ग्राउंड में कला एवं सांस्कृतिक विभाग एवं जिला प्रशासन के तत्वाधान में आयोजित बैसाखी महोत्सव 2026 के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यातिथि के रूप में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिख इतिहास पर आधारित व प्रदेश सरकार की उपलब्धियों व योजनाओं की प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने महिला व पुरुषों की दंगल प्रतियोगिता को शुरू करवाया और पतंग उड़ाकर अंतरराष्ट्रीय पतंग प्रतियोगिता का भी शुभारंभ किया।

इसके साथ ही हरियाणवी संस्कृति पर आधारित हरियाणा विरासत पवेलियन का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मौके पर सबको बैसाखी के पावन पर्व की बधाई दी। इसके साथ ही खालसा पंथ के स्थापना दिवस पर महान गुरुओं के चरणों में नमन किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज को सिख संगत की तरफ से कृपाण, सरोपा तथा खंडा साहिब का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत एक नए युग की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें गुरु साहिबान की शिक्षाओं, एकता, समर्पण, सेवा और परिश्रम को अपने जीवन में अपनाना होगा। हम सभी को मिलकर ऐसा समाज बनाना होगा, जहां सभी को समान अवसर मिले, जहां कोई भेदभाव न हो और जहां हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार हो। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों का उद्देश्य केवल विकास करना नहीं है, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़े रहना, अपनी संस्कृति को संजोना और आने वाली पीढिय़ों को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना है। जब हम अपने अतीत से प्रेरणा लेते हैं, तभी हम एक उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र की इस कर्मभूमि पर बैसाखी के पावन पर्व पर आप सबके बीच आकर बड़ी खुशी हो रही है। यह वह धरा है, जो धर्म और कर्म की धरती के रूप में जानी जाती है। बैसाखी का पर्व हमें प्रकृति के साथ जुडऩे, श्रम के सम्मान को समझने और समृद्धि का उत्सव मनाने की प्रेरणा देता है। जब खेतों में लहराती फसलें पककर तैयार होती हैं, तो किसान का हृदय गर्व और आनंद से भर उठता है। और उसी खुशी को हम सब मिलकर बैसाखी के रूप में मनाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैसाखी का यह पावन दिन हमारे इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय भी समेटे हुए है। वर्ष 1699 में इसी दिन आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती पर दशम पातशाह सरबंसदानी श्रीगुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। उस समय देश में अन्याय, अत्याचार और अधर्म अपने चरम पर था। ऐसे कठिन समय में गुरु साहिब ने खालसा पंथ की स्थापना करके समाज को एक नई दिशा दी। एक ऐसी दिशा, जिसमें साहस, समानता, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खालसा पंथ की स्थापना के समय गुरु साहिब ने पांच प्यारों को चुना, जो विभिन्न जातियों और क्षेत्रों से थे। यह अपने आप में सामाजिक समानता और भाईचारे का एक अद्भुत संदेश था। एक ही बर्तन से अमृत पिलाकर उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि मानव-मानव में कोई भेद नहीं है। यह पर्व हमें सिखाता है कि विविधता में एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के आगामी 5 मई को कुरुक्षेत्र से श्री नांदेड़ साहिब के लिए ट्रेन रवाना की जाएगी। इससे पहले, गत 28 मार्च को 700 से ज्यादा श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के दर्शनों के लिए अंबाला से ट्रेन रवाना की गई थी। उन्होंने कहा कि बैसाखी का यह दिन हमें इतिहास के एक दर्दनाक, लेकिन प्रेरणादायक अध्याय की भी याद दिलाता है, 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में अंग्रेजी हुकूमत ने निर्दोष लोगों पर गोलियां चलाकर एक भीषण नरसंहार किया था। उस दिन हजारों निर्दोष लोग शहीद हुए थे, लेकिन उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया। उसी बलिदान ने स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा दी और देशवासियों के मन में आजादी की ज्वाला को और प्रज्वलित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसम्बर 2022 में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति की स्थापना की गई। इससे सिख समाज की काफी समय से चली आ रही मांग को पूरा किया। इससे हरियाणा में सिख समुदाय को स्वायत्तता मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार ने श्री गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व, श्री गुरु गोबिंद सिंह के 350वें प्रकाश पर्व और श्री गुरु तेग बहादुर के 400 वें प्रकाश वर्ष को राज्य स्तर पर भव्य रूप से मनाया है। गत नवंबर मास में हमने श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष में पूरे प्रदेश में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए। उन्होंने कहा कि यही ज्योतिसर में 25 नवम्बर को श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हजुरी में राज्य स्तरीय समागम आयोजित किया गया। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शामिल हुए। उन्होंने श्री गुरु तेग बहादुर को समर्पित सिक्के, डाक टिकट और कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यमुनानगर जिला के कलेसर में श्री गुरु तेग बहादुर के नाम पर वन लगाने का निर्णय लिया गया। वहीं श्री गुरु तेग बहादुर की याद में यादगारी गेट बनाया गया है। यमुनानगर के किशनपुरा में श्री गुरु तेग बहादुर कृषि महाविद्यालय खोलने की घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि हम सब जानते हैं कि वर्ष 1984 में हुए दंगों में हमारे अनेक सिख परिवारों ने अपनों को खोया था। सरकार ने प्रदेश के ऐसे 121 परिवारों के एक-एक सदस्य को नौकरी देने का प्रावधान किया है, जिनके किसी सदस्य की जान दंगे में चली गई थी। उन्होंने कहा कि पंचकूला  में गत 24 दिसंबर को वीर बाल दिवस के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल हुए। उन्होंने अपने हाथों से दंगा पीड़ित परिवारजनों को नियुक्ति पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में सिख संग्रहालय कुरुक्षेत्र के उमरी में जल्द शुरू होने जा रहा है। यह प्रदेश का पहला ऐसा संग्रहालय होगा, जो सिखइतिहास, संस्कृति और गुरुओं के योगदान को प्रदर्शित करेगा। यह संग्रहालय कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा प्रदान की गई 5 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। गत दिसंबर में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा 124 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया। जल्द ही इस पर काम शुरू करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज, अंबाला का नाम श्री गुरु तेग बहादुर के नाम पर रख गया।  टोहाना-जींद-धमतान साहिब सड़क का नाम श्री गुरु तेग बहादुर मार्ग रखा गया। सरकार ने यमुनानगर में बनने वाले मेडिकल कॉलेज का नाम हिन्द की चादर श्री गुरु तेग बहादुर सिंह के नाम पर रखा है। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि बैसाखी उत्सव हमारे लिए गौरवशाली धरोहर का सम्मान है। जो नई फसलों का अभिनंदन, मौसम परिवर्तन का अभिनंदन और खालसा साधना का संदेश है। मुख्यमंत्री के संकल्प हमारी प्रेरणाओं के माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती की पहल हुई जिसमें 40 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी रही। 

Related posts

चंडीगढ़ ब्रेकिंग: बेरोजगारी की वजह से युवा दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर : डॉ. सुशील गुप्ता

Ajit Sinha

चंडीगढ़ ब्रेकिंग: इस वर्ष दशहरा और दीपावली पर्व के बीच होगा अंतरराष्ट्रीय सुरजकुंड क्राफ्ट्स मेले का आयोजन

Ajit Sinha

कांग्रेस राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने आज कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा , सुने लाइव वीडियो में।

Ajit Sinha
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
error: Content is protected !!
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x