
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़:हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल की अध्यक्षता में 68वीं स्टेट एम्पावर्ड कमेटी की उच्चस्तरीय बैठक पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित की गई। इस बैठक में एससीआरबी, टेलीकॉम, एनआईसी, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और अन्य तकनीकी व प्रशासनिक संस्थानों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य राज्य में पुलिसिंग से जुड़ी तकनीकी प्रणालियों की प्रगति का आंकलन करना, मौजूदा चुनौतियों पर चर्चा करना और आने वाले महीनों के लिए स्पष्ट रणनीति तैयार करना था। बैठक में CCTNS, Treakia सिस्टम, ई-साक्ष्य एप, ई-एफआईआर, ई-चालान, डेटा इंटीग्रेशन और इंटर-डिपार्टमेंटल समन्वय जैसे कई महत्वपूर्ण विषयो पर विस्तार से चर्चा की गई ।

अपने संबोधन में डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने तकनीकी क्षेत्रों में कई प्रशंसनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, लेकिन हमें इसे पहले से बेहतर बनाने के लिए सिस्टम में व्याप्त कमियों को दूर करने की दिशा में काम करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सिस्टम की मजबूती तभी सिद्ध होती है जब उसमें मौजूद गैप्स की समय पर पहचान और समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने जिलों और शाखाओं में तकनीकी कार्यों की वास्तविक स्थिति का स्वयं आंकलन करें, कर्मचारियों से फीडबैक लें और समस्याओं का समाधान तत्काल करें। यदि किसी स्तर पर अड़चन आती है, संसाधन कम पड़ते हैं या तकनीकी सहायता की आवश्यकता होती है तो इसे तुरंत उनके संज्ञान में लाये । उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है और पुलिस बल को भी स्वयं को उसी गति से अपडेट करते रहना होगा, जिससे कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार होता रहे।

डीजीपी ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन पूरी तरह तकनीकी दक्षता पर आधारित है। वर्तमान में हरियाणा प्रदेश नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी तरीके से लागू करने में देशभर में अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह स्वयं इस प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और राज्यों से नियमित प्रगति रिपोर्ट प्राप्त कर रहे हैं। हरियाणा ने तकनीकी अनुकूलन को तेजी से अपनाते हुए उल्लेखनीय परिणाम दिखाए हैं। पहले जहां कन्विक्शन रेट 35 प्रतिशत पर सीमित था, वहीं तकनीक आधारित पारदर्शी और सबूतों पर आधारित जांच प्रणाली के चलते यह बढ़कर 86 प्रतिशत तक पहुँच गया है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि को स्थायी बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी नए कानूनों से संबंधित अपडेटेड रहे और आवश्यकता पड़ने पर प्रशिक्षण भी लें।
बैठक में यह जानकारी साझा की गई कि CCTNS प्रणाली पर हरियाणा ने पूरे देश में अपना वर्चस्व लगातार बनाए रखा है। पिछले 54 महीनों में 40 बार प्रथम स्थान हासिल करना इस बात का प्रमाण है कि सिस्टम की अपलोडिंग, अपडेटिंग, डाटा इंटीग्रेशन और केस मैनेजमेंट प्रक्रिया अन्य राज्यों की तुलना में अधिक प्रभावी है। इस माह भी हरियाणा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी तकनीकी नेतृत्व क्षमता को पुन: सिद्ध किया है। डीजीपी ने CCTNS टीम को बधाई दी और भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदशन करने के लिए प्रेरित किया । उन्होंने निर्देश दिया कि जो जिले तकनीकी कार्यों में पिछड़ रहे हैं, उनकी गहन समीक्षा की जाए, उनकी समस्याओं की पहचान कर तत्काल समाधान किया जाए और जिम्मेदारी भी तय की जाए। साथ ही जिन्होंने श्रेष्ठ कार्य किया है, उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए ताकि काम को लेकर उनका मोटिवेशनऔर बढ़े।
डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि किसी भी तकनीकी प्लेटफॉर्म की असली सफलता तभी दिखाई देती है जब उसका उपयोग करने वाला अंतिम कर्मचारी भी उसे सहजता से संचालित कर सके। उन्होंने कहा कि हमें यह समझना होगा कि टेक्नोलॉजी प्रणाली को लागू करना सिर्फ पहला कदम है—उसे सरल, सुगम और उपयोगकर्ता–हितैषी बनाए रखना ही असली चुनौती है। इसलिए हर स्तर पर फीडबैक लेना, समस्याओं को सुनना और उनके आधार पर छोटे–बड़े सुधार करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि CCTNS–1 ने जांच प्रक्रिया को काफी तेज किया है और आने वाले समय में CCTNS–2 को लागू करने से सभी मॉड्यूल अधिक इंटीग्रेटेड और स्मार्ट बन सकेंगे। इससे केस मैनेजमेंट, डॉक्यूमेंटेशन, डेटा एनालिटिक्स और ट्रैकिंग प्रॉसेस और अधिक मजबूत होंगे। एसपी एससीआरबी नितिका गहलोत ने बैठक में विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि पिछले वर्ष हरियाणा पुलिस ने अपराध नियंत्रण, डेटा प्रबंधन, डिजिटल फोरेंसिक और ट्रैकिंग सिस्टम में कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। NAFIS फिंगरप्रिंट सिस्टम की मदद से अपराधियों की पहचान पहले की तुलना में कई गुना तेज हो गई है, जिसके चलते कई गंभीर अपराधों और चोरी–डकैती के मामलों का त्वरित निपटारा संभव हुआ है। Trakea सिस्टम ने वांछित अपराधियों, proclaimed offenders और बेल जंपर्स का पता लगाने में बड़ी सफलता दिलाई है, जिससे सैकड़ों मामलों में ठोस इनपुट प्राप्त हुए और गिरफ्तारी कार्यवाही तेज हुई। CCTNS/ICJS राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हरियाणा लगातार दो वर्षों तक प्रथम स्थान प्राप्त कर चुका है, और 33 नागरिक सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध कराकर नागरिक–सेवा में पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित की गई है। इन सभी तकनीकी प्रणालियों ने मिलकर हरियाणा पुलिस की कार्यप्रणाली को आधुनिक, तेज, सटीक और जवाबदेह बनाया है।बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री शिबास कविराज, एडीजीपी हरदीप दून सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित प्रगति, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर सुझाव दिए। बैठक प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी और गहन चर्चा के साथ सकारात्मक एवं ठोस निष्कर्षों के साथ संपन्न हुई।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

