
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़: पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान के तहत प्रशिक्षण देने जाने वाले वक्ताओं की कार्यशाला शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय पंचकमल में संपन्न हुई। कार्यशाला में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, प्रदेश प्रभारी डा. सतीश पूनिया, राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ ने मंडलों में प्रशिक्षण देने जाने वाले वक्ताओं को विषय रखने के गुर सिखाए। भाजपा की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में मुख्य सात विषयों पर गहन चर्चा की गई। कार्यशाला में आगामी मंडल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कार्य विस्तार की हमारी दृष्टि विषय पर बोलते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी सत्ता को ’शासन का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का माध्यम मानती है। उन्होंने कहा कि भाजपा बूथ-स्तर तक सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने और सेवा व संवाद के माध्यम से जनता का विश्वास जीतने के लिए प्रतिबद्ध है।

बड़ौली ने कहा कि प्रशिक्षण महाभियान कार्यकर्ता को यह स्मरण कराता है कि संगठन व्यक्ति से बड़ा है और राष्ट्र हमारे लिए सर्वोपरि है। बड़ौली ने कहा कि बूथ, मंडल, और शक्ति केंद्र स्तरों पर पार्टी को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।

कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर जाकर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा युवाओं, महिलाओं और किसानों, गरीबों को साथ लेकर हमें विकसित भारत बनाना है। कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता सबका साथ, सबका विकास’ की नीति को जमीनी स्तर पर उतारते हुए 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लें।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बड़ौली ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यकर्ता के व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया है और विचारों की मजबूती के लिए प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से न केवल व्यक्तिगत जीवन में सुधार आता है, बल्कि नई सोच और दृष्टिकोण भी विकसित करता है। बड़ौली ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर आधारित यह प्रशिक्षण कार्यकर्ताओं को राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और सेवा भाव के प्रति और अधिक सजग बनाएगा। उन्होंने कहा कि जब कार्यकर्ता विचार से दृढ़ और व्यवहार से विनम्र होगा, तभी संगठन की शक्ति समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी।

भाजपा प्रदेश प्रभारी डा. सतीश पूनिया ने इतिहास व विकास विषय पर बोलते हुए कहा कि भाजपा का इतिहास विकास का इतिहास है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने 11 मई 1998 को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनकर विश्व को चकित किया। अंत्योदय अन्न योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, स्वर्णिम चतुर्भुज, अटल टनल रोहतांग जैसी ऐतिहासिक उपलब्धियां अटल जी की देन हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास की नई गाथा लिखी है।डा. पूनिया ने कहा कि मोदी सरकार में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी की रेखा से बाहर आए हैं। मोदी सरकार ने गरीब लोगों को पक्के मकान, स्वच्छ जल, मुफ्त अनाज और करोड़ों लोगों को आयुष्मान भारत के तहत फ्री इलाज की सुविधा दी है। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि का किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। देश का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है, चारों तरफ हाइवे, एक्सप्रेस-वे का जाल बिछ रहा है। पीएम मोदी के नेतृत्व में देश विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है। डा. सतीश पूनिया ने कहा कि यह प्रशिक्षण महाअभियान कार्यकर्ताओं को पार्टी की रीति-नीति, सेवा कार्यों और जनसंपर्क अभियान से जोड़ते हुए उन्हें अधिक प्रभावी बनाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इस व्यापक प्रशिक्षण से संगठन और अधिक सुदृढ़ होगा तथा राष्ट्र निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा मिलेगी। राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ ने एकात्म मानववाद विषय पर बोलते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद पार्टी की कार्य संस्कृति और अंत्योदय का आधार है। उन्होंने प्रशिक्षण को संगठन की आत्मा बताया। धनखड़ ने कहा कि अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार हमारे मार्गदर्शक हैं। हमारा लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का सर्वांगीण विकास है। इस महाअभियान के माध्यम से कार्यकर्ता वैचारिक रूप से और अधिक सशक्त हो कर ’विकसित हरियाणा’ के संकल्प को सिद्ध करेंगे। धनखड़ ने कहा कि राष्ट्र निर्माण नीतियों के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं से होता है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना ही सच्ची सेवा है। ओम प्रकाश धनखड़ ने प्रशिक्षण को कार्यकर्ताओं के बौद्धिक और वैचारिक विकास के लिए निरंतर प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इस महा अभियान का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाना और पार्टी की विचारधारा को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केवल जानकारी देने का माध्यम नहीं, बल्कि कार्यकर्ता के व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया है। इससे संगठन की कार्यपद्धति में एकरूपता आएगी और सेवा, समर्पण तथा राष्ट्रहित की भावना और अधिक प्रखर होगी।
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