
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
गुरुग्राम:दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह द्वारा हाल ही में आयोजित ऑपरेशनल रिव्यू कमेटी (ओआरसी) बैठकों में विभिन्न सर्कलों के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद निगम के सभी फील्ड अधिकारियों को वित्त वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों को 31 मार्च 2026 तक हर हाल में पूरा करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने सिरसा व फतेहाबाद तथा फरीदाबाद व पलवल को हुई समीक्षा बैठकों में कई प्रमुख परिचालन मानकों में सुधार की धीमी गति पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया कि वित्त वर्ष समाप्त होने में लगभग एक माह शेष है, ऐसे में सभी सर्कल, डिवीजन और सब-डिवीजन स्तर के अधिकारी तत्काल प्रभाव से कार्य में तेजी लाएं और लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि जिन सर्कलों में ठोस और मापनीय सुधार नहीं दिखेगा, उनके विरुद्ध प्रशासनिक समीक्षा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

प्रमुख समीक्षा बिंदु
बैठकों में प्रमुख विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई। जिसमें बिलिंग दक्षता, टी एंड डी लॉस, ए टी एंड सी लॉस तथा आरआईबी, डिफॉल्टर उपभोक्ताओं से बकाया राशि की वसूली, पीडीसीओ साइटों के सत्यापन, एलआरए कार्रवाई, बिजली चोरी रोकथाम लक्ष्य, शहरी व आरडीएस फीडरों के लॉस, एफटूओके केस, एचटी एवं एलटी सीटी ओके प्रतिशत तथा सीएम टूल अपवाद, बिलिंग शिकायतों की लंबित संख्या, ‘मेरा गांव जगमग गांव’ एवं पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति, एचईआरसी से जुड़े मुद्दे एवं मीटर बॉक्स की अनियमितताएं, असुरक्षित पोल व लाइन शिफ्टिंग संबंधी सरकारी निर्देश, जन संवाद, सीएम विंडो, नए कनेक्शन व एचईपीसी पोर्टल पर लंबित प्रकरण, 11 केवी एवं 33 केवी फीडरों की ट्रिपिंग, सैफी/ सैदी, सीजीआरएफ मामलों का क्रियान्वयन, क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर एवं दुर्घटनाएं, ऑडिट, एमएंडपी, एनर्जी ऑडिट के एलओआर केस, ट्रांसफार्मर, लाइन व सब-स्टेशन का प्रिवेंटिव मेंटेनेंस आदि बिंदु थे।

डिफॉल्टर राशि में 10 प्रतिशत कमी अनिवार्य
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मार्च 2025 की तुलना में मार्च 2026 तक कनेक्टेड एवं डिस्कनेक्टेड उपभोक्ताओं की बकाया राशि में कम से कम 10 प्रतिशत की कमी सुनिश्चित की जाए। साथ ही सरकारी एवं निजी उपभोक्ताओं की बकाया राशि की अलग-अलग एवं श्रेणीवार (डीएस, एलटीएस, एचटीएस, कृषि आदि) समीक्षा की जाएगी।
पीएम सूर्य घर योजना पर विशेष फोकस
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत नेट मीटरिंग के लिए मीटरों की खरीद मुख्य अभियंता, एमएम के निर्देशानुसार की जाएगी तथा सभी आरटीएस मामलों की 100 प्रतिशत एंट्री
सीसीबी में सुनिश्चित कर बिलिंग की जाएगी।
सख्त प्रशासनिक नियंत्रण के निर्देश
प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के निर्देशानुसार मुख्य अभियंता (वाणिज्य), डीएचबीवीएन ने इस संबंध में जारी निर्देशों को “अत्यंत आवश्यक’ श्रेणी में रखा है। सभी एसई, एक्सईएन एवं एसडीओ को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में कड़ा प्रशासनिक नियंत्रण रखने तथा 31 मार्च 2026 तक सभी परिचालन मानकों में स्पष्ट एवं मापनीय सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निगम प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि परिचालन कमियों, विशेषकर बकाया वसूली में ढिलाई, से निगम की वित्तीय स्थिति और सार्वजनिक छवि प्रभावित हुई है। अतः सभी अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर वार्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए समन्वित एवं गंभीर प्रयास करें।
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