अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
दिल्ली पुलिस की पश्चिमी रेंज-II, अपराध शाखा की टीम ने थाना छावला के अंतर्गत धोखाधड़ी और जमीन हड़पने के मामले में घोषित अपराधी और मुख्य आरोपित सुनील कुमार को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी ट्रैकिंग, खुफिया जानकारी जुटाने और उन्नत मोबाइल निगरानी तकनीकों की एक सावधानीपूर्वक प्रक्रिया के बाद हुई है। गिरफ्तार आरोपित पर जालसाजी के साथ धोखाधड़ी के कुल चार मुकदमें दर्ज है। डीसीपी क्राइम, सतीश कुमार ने आज जानकारी देते हुए बताया कि सुनील कुमार, गांव दीनपुर, नजफगढ़, नई दिल्ली के निवासी हैं, जिन्हें न्यायालय जेएमएफसी, द्वारका 05.10.2024 को, एफआईआर संख्या 133 /2023, दिनांक 03/04/2023, धारा 420/467/471/120 बी आईपीसी, थाना छावला, दिल्ली के संबंध में द्वारा भगोड़ा घोषित किया गया था। सुनील कुमार संपत्ति खरीदारों को धोखा देने और अन्य सहयोगियों के साथ अवैध भूमि हड़पने की गतिविधियों में सहायता करने में शामिल था। यह उसका पहला अपराध नहीं था; वह पहले भी जबरन वसूली के मामले सहित पांच समान मामलों में शामिल था।
सूचना, टीम और कार्रवाई:
डीसीपी का कहना है कि एफआईआर पंजीकरण के बाद, सुनील कुमार गिरफ्तारी से बच रहा था। न्यायालय ने उसे भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया, फरार आरोपित को पकड़ने के लिए निरीक्षक गौतम मलिक के नेतृत्व में डब्ल्यूआर-II की एक विशेष टीम, जिसमें प्रधान सिपाही राजेश, प्रधान सिपाही अशोक, महिला सिपाही नीलम और सिपाही मुकेश शामिल थे, रविंदर कुमार राजपूत, सहायक पुलिस उपायुक्त डब्ल्यूआर-II की करीबी निगरानी में गठित की गई। टीम ने मोबाइल फोन डेटा (कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन ट्रैकिंग) को ट्रैक करने और सोशल मीडिया गतिविधि की निगरानी सहित उन्नत निगरानी तकनीकों का उपयोग किया। विस्तृत विश्लेषण के बाद, टीम के प्रयासों ने रंग दिखाया और उन्होंने सुनील कुमार के ठिकाने का सफलतापूर्वक पता लगा लिया। टीम ने उसके ठिकाने की पहचान की और नजफगढ़-बिजवासन रोड, छावला, नई दिल्ली में उसे गिरफ्तार करने के लिए ऑपरेशन का समन्वय किया।
आरोपी की पृष्ठभूमि और आपराधिक इतिहास:
उनका कहना है कि सुनील कुमार ने शुरुआत में इनवर्टर और बैटरी के सप्लायर के रूप में काम किया। अवैध तरीकों से धन कमाने की उसकी इच्छा ने उसे अपने गांव दीनपुर में प्रॉपर्टी डीलिंग और जमीन हड़पने के मामले में कुख्यात सूरजभान उर्फ बल्लू के साथ सहयोग करने के लिए प्रेरित किया। साथ में, उन्होंने नजफगढ़-छावला क्षेत्र में विवादित भूखण्डों को निशाना बनाया, जहाँ उन्होंने जाली दस्तावेजों और धोखाधड़ी के तरीकों से अवैध रूप से संपत्तियों को जब्त करने की साजिश रची। सुनील कुमार की गिरफ्तारी क्षेत्र में अवैध भूमि हड़पने की गतिविधियों को खत्म करने में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
पिछली संलिप्तताएँ:
1. एफआईआर संख्या 318/2013 धारा 467/468/471/102 आईपीसी पी.एस-छावला
2. एफआईआर संख्या 517/2023 धारा 467/468/471/120बी/174ए/34 आईपीसी पी.एस-छावला
3. एफआईआर संख्या 342/2019 धारा 387/506/120बी आईपीसी पी.एस-क्राइम ब्रांच
4. एफआईआर संख्या 34/2008 धारा 420/467/468/471/120बी आईपीसी पी.एस-छावला
5. एफआईआर संख्या 148/2013 धारा 420/467/468/471/120बी आईपीसी पी.एस.- चावला