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फरीदाबाद

फरीदाबाद: बसंत पंचमी का पर्व एवं रहबर ए आज़म दीनबंधु सर चौधरी छोटूराम की जयंती गांव खेड़ीकलां में मनाई गई।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
फरीदाबाद:आज चौधरी छोटू राम सेवा समिति खेड़ीकलां फरीदाबाद द्वारा बसंत पंचमी का पर्व एवं रहबर ए आज़म दीनबंधु सर चौधरी छोटूराम की जयंती चौधरी छोटूराम सामुदायिक केंद्र खेड़ी कलां में समिति के प्रधान सत्यपाल नरवत की अध्यक्षता में मनाई गई। महासचिव पवन कुमार द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में समिति के उप-प्रधान चंद्रवीर भारद्वाज, सहसचिव रिशिपाल जांगड़ा, कोषाध्यक्ष अनिल कुमार एवं कार्यकारी सदस्य बच्चू सिंह,श्यामवीर, अनूप कुमार, अमित, धर्मवीर और कुलदीप सम्मिलित थे। सर्वप्रथम सभी उपस्थित ग्राम वासियों ने चौधरी छोटू राम जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और चौधरी छोटू राम अमर रहे, किसानों के मसीहा अमर रहे आदि नारे लगाए। चौधरी छोटू राम सेवा समिति के प्रधान सत्यपाल नरवत ने बताया कि किसानों के मसीहा चौधरी छोटू राम का जन्म वैसे तो 24 नवंबर 1881 को एक साधारण किसान परिवार में हुआ था लेकिन उनकी जयंती बसंत पंचमी को मनाई जाती है।

उन्होंने बताया सन 1942 में सांप्रदायिक दंगे फैलने लगे और बेचैनी बढ़ने लगी तो बेगम शाहनवाज ने बसंत पंचमी के दिन लाहौर में सद्भावना दिवस मनाने का फैसला किया। उस समय पंजाब के प्रेसिडेंट सर हयात खान निस्सर के फ्रंट पर सैनिकों का हौसला बढ़ाने गए थे। उनकी उपस्थिति में वजीर ए आज़म के तौर पर सद्भावना दिवस की अध्यक्षता चौधरी छोटूराम ने की अपने अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने भावुक होकर कहां की मेरी ख्वाहिश है कि मेरी जयंती बसंत पंचमी के दिन मनाई जाए। क्योंकि बसंत पंचमी के बाद बसंत ऋतु शुरू हो जाती है जिसमें किसानों की फसल सरसों फूलों के कारण पीली पीली दिखाई देती है और गेहूं में बाली आ जाती हैं और इस दिन मां सरस्वती विद्या और ज्ञान की देवी की मूर्ति की पूजा की जाती है। उसके बाद में चौधरी छोटूराम जी की ख्वाहिश पर उनकी जयंती बसंत पंचमी को मनाए जाने लगी। समिति के उपप्रधान चंद्रवीर भारद्वाज, व प्रधान कमल सिंह ने चौधरी छोटूराम जी के जीवन परिचय के बारे में बताया और कहां चौधरी छोटूराम एकमात्र ऐसे नेता थे जिन्होंने संयुक्त पंजाब में मंत्री रहते हुए किसानों मजदूरों व कमरों वर्ग के लिए अनेकों कानून पास करवाए। जिनमें कर्ज माफी अधिनियम, व्यवसाय श्रमिक अधिनियम, कृषि उत्पादन मंडी अधिनियम, गिरवी जमीनों का मुक्त वापसी एक्ट, साहूकार पंजीकरण एक्ट और 8 जनवरी 1945 को भाखड़ा नांगल बांध की फाइल पर हस्ताक्षर किए जिनका श्रेय चौधरी छोटूराम को जाता है। 9 जनवरी 1945 को किसानों मजदूरों में दलितों के मसीहा हमारे बीच नहीं रहे। इस अवसर पर राजेंद्र सोलंकी, पंडित प्रताप सिंह, जितेंद्र सिंह जिला अध्यक्ष किसान सेल इनेलो फरीदाबाद, राम किशन, जगदीश, महेंद्र, मंगलीराम, कृष्ण पहलवान, रोहित नरवत, सचिन RWA खेड़ी कलां, चंद्र सिंह, प्रकाश, गिरिराज, भजनलाल, मोहनलाल, कृष्ण, गोविंदा, दिनेश भारद्वाज, ब्रह्मानंद, सुभाष सोलंकी, नंदू, शिवकुमार, वेदपाल, ज्ञानचंद, नरेश, विजेंद्र, सतीश, रविंद्र, जीतू, जितेंद्र वाल्मीकि आदि ने भाग लिया।

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