अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट
एंकर:नोएडा उत्तर प्रदेश का एक ऐसा शहर है, जहां कब, क्या, कहां और कैसे घटना हो जाती है। इसका पता ही नहीं चलता आइए. आपको बताते हैं रोड़वेज से बस के गायब होने की दास्तान। गत 30 अक्टूबर को रोड़वेज के मोरना डिपो से ग्रेटर नोएडा डिपो की बस गायब हो गई। जिसके जानकारी होते ही रोड़वेज विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गई। काफी तलाश के बाद भी जब बस नहीं मिली तो थक हार कर एक नवंबर को अधिकारियों पुलिस के शरण में पहुंचे और कोतवाली रपट दर्ज करा दी।
पुलिस एक्शन आई और तकनीक के सहारे बस को शशि चौक के पास, महर्षि वाल्मीकि रोड से बरामद कर ली, तफ्तीश से पता चला की बस गायब नहीं बल्कि चोरी हुई थी और बस को चोरी करने वाले संविदा कर्मी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। चोरी गई बस के साथ खड़े यह जनाब मुकेश शर्मा है मुकेश शर्मा मोरना डिपो पर संविदा कर्मी ड्राइवर के पद पर पिछले फरवरी माह तक कार्यरत थे। इसके बाद इन्हें हटा दिया गया था। मुकेश शर्मा गत 30 अक्टूबर को रोडवेज में जमा अपनी 10 हजार की सिक्योरिटी मनी को लेने के लिए एआरएम के पास आए थे। लेकिन एआरएम ने सिक्योरिटी मनी देने से मना कर दिया।
इस बात पर मुकेश शर्मा इतने नाराज हुए कि मोरना बस स्टैंड के सीएनजी पंप सेक्टर- 35 में खड़ी हुई ग्रेटर नोएडा डिपो की बस को डुप्लीकेट चाबी से खोला और उसे लेकर चलते बने। मुकेश शर्मा ने जब इस घटना को अंजाम दिया उस समय बस का ड्राइवर बस को खड़ी कर खाना खाने गया हुआ था। मुकेश शर्मा बस को लेकर शशि चौक के पास महर्षि वाल्मीकि रोड पर पहुंचे और बस खड़ा करके, सिक्योरिटी मनी के एवज बस की बैटरी निकाल ली और उसे लेकर उसे कबाड़ी को बेच कर अपना पैसा वसूल कर लिया था।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments