अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक सिद्धार्थ यादव ने आज गुरुवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीयकार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित किया और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन केदौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस पर सवाल उठाए। सिद्धार्थ यादव ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने एक महिला पुलिसकर्मी कोअनुचित तरीके से छुआ, जबकि प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक महिला पुलिस कर्मीको कोहनी मारी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की। भाजपाके मीडिया सह-संयोजक ने पूछा कि क्या यही कांग्रेस की ‘मोहब्बत की दुकान’ और ‘स्मैश द पेट्रिआर्की’ तथा ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ जैसे नारों का अर्थ है।

यादव ने कांग्रेस सेजवाबदेही तय करने और संवैधानिक मूल्यों का पालन करने की मांग की। सिद्धार्थ यादव ने कहा कि विशेषाधिकार प्राप्तवंशवादी राजनीति की हताशा और अहंकार की कुछ तस्वीरें आज हम आप सभी को दिखाना चाहतेहैं। ये जो तस्वीरें हैं, ये किसी विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें नहीं हैं। ये देशकी राजधानी में फैलाई जा रही अराजकता की तस्वीरें हैं। यह अराजकता प्रतिपक्ष केनेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में फैलाई जा रही है। इनप्रदर्शनों में कोई आम जनता या सामान्य जनमानस नहीं है। राहुल गांधी अपने कार्यकर्ताओं को लेकर जिस बर्बरता के साथ वर्दी में खड़े देश के सिपाहियों पर हमलाकरने का काम कर रहे हैं, वह हमने इन तस्वीरों में देखा है। पहली तस्वीर मेंप्रतिपक्ष के नेता ने एक महिला पुलिसकर्मी को किस तरह अनुचित तरीके से छूने का काम किया। राहुल गांधी का एक महिला कॉन्स्टेबल को अनुचित तरीके से छूने का यह व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है। दूसरी तस्वीर में प्रियंका गांधी ने बिना किसी उकसावे केसामान्य रूप से खड़ी एक महिला पुलिसकर्मी के पेट में कोहनी मारने का काम किया। यहबर्दाश्त के बाहर है। एक तस्वीर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की भी है, जिसमें वे वर्दी में खड़े देश के सामान्य परिवारों सेआने वाले पुलिसकर्मियों को जमीन पर गिराकर लात मारने का काम कर रहे हैं। क्या यहीहै कांग्रेस की ‘मोहब्बत की दुकान’? मोहब्बत की दुकान में यह जो नफरत का सामान है, वह आज देश के सामने आ चुका है।भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक ने कहा कि हमपूछना चाहते हैं कि ‘स्मैश द पेट्रिआर्की’ का नारा देने वाले राहुल गांधी और ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ की बात कहने वाली प्रियंका गांधी वाड्रा, क्या उन नारों का अर्थ यही था. जब प्रियंकागांधी वाड्रा उस महिला पुलिसकर्मी को मार रही थीं, क्या यही नारा उनके मन में आ रहा था? और अगर ऐसा नहीं है, तो उनके नारों की सच्चाई आज देश के सामने है। अगर कोईइस देश में नेहरू-गांधी-वाड्रा परिवार से नहीं आता, तो क्या उसका कोई मानवाधिकार नहीं है? अगर कोई इस देश में इनके एलिटिस्ट कल्चर से नहीं आता, तो क्या उसको चोट नहीं लगती? यह प्रश्न आज राहुल गांधी के सामने खड़े हैं और इन प्रश्नों का उत्तर राहुलगांधी को देश की जनता के सामने आकर देना पड़ेगा। जो कुकृत्य राहुल गांधी औरकांग्रेस पार्टी द्वारा देखने को मिला है कि एक हाथ में संविधान लेकर और दूसरे हाथसे कानून तोड़ना, यह भारत के लोकतंत्र की संस्कृति नहीं है। कांग्रेसपार्टी ने आज देश की राजधानी में भारत के लोकतंत्र का मजाक बनाने का काम किया है।यादव ने कहा कि कांग्रेस की फ्रस्ट्रेशन किसलिएनिकलकर आ रही है? राहुल गांधी के मन में यह जो हताशा है, यह किसलिए निकलकर आ रही है? क्योंकि आज देश 7% से तरक्की कर रहा है, 7%+ का ग्रोथ रेट है। क्योंकि आज देश के अंदर गाँव-गाँव में बिजली, पानी और सड़क पहुँच चुके हैं। आज देश में मुफ्त इलाजहोता है और हम मैन्युफैक्चरिंग का हब बनते जा रहे हैं। यह जो राहुल गांधी की खीझऔर हताशा है, यह निकलकर आ रही है। हम प्रतिपक्ष के नेता राहुलगांधी से यह कहना चाहते हैं कि यह देश आपके कुकृत्य, आपकी इस मनमानी और अराजकता को देख रहा है और यह देश आपकी इस अराजकता काहिसाब करेगा। आज देश की जनता राहुल गांधी से प्रश्न पूछ रही है कि गरीब घरों सेआने वाले देश के पुलिसकर्मियों और सामान्य परिवारों से आने वाली पुलिस में सेवा कररही हमारी माताओं, बहनों और बच्चियों के अधिकारों को भुलाकर आप उनके साथऐसा कृत्य कैसे करने लगे? राहुल गांधी का जो एजेंडा और मॉडल था, वह आज देश के सामने आ चुका है। राहुल गांधी देश भर केअंदर इस अराजकता के मॉडल को चलाना चाहते हैं।सिद्धार्थ यादव ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुलगांधी जहां भोजन करने के लिए पहुंचे, वहां एक कश्मीरीमुस्लिम युवा को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बुरी तरह पीटा है। जब हम यह वार्ताकर रहे हैं, देश की राजधानी में कांग्रेस के कार्यकर्ता मारपीट कररहे हैं। क्या यह है कांग्रेस पार्टी का कल्चर? क्या यह है कांग्रेस का लोकतंत्र? संविधान कीदुहाई देने वाले संवैधानिक मूल्यों को कब जाकर पढ़ेंगे, आज देश की जनता यह बात पूछना चाहती है। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टीहमारे सवालों का जवाब दें।
पहला सवाल – क्या राहुलगांधी के ‘स्मैश द पेट्रिआर्की’ का अर्थ महिला पुलिसकर्मियों को मारना है?
दूसरा सवाल – नेहरू-गांधी-वाड्राखानदान के अलावा देश में किसी का मानवाधिकार है कि नहीं?
तीसरा सवाल – ‘मोहब्बत की दुकान’ में यह नफरत का सामान आप कब तक बेचते रहेंगे?
भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक ने कहा कि जिसप्रकार के वीडियो देश भर में बैठा व्यक्ति देख रहा है,पूरे देश में इस बात को लेकर आक्रोश है। किसी भी राजनीतिक दल को यह अधिकारनहीं है कि वह इस प्रकार का कृत्य करे। प्रतिपक्ष के नेता द्वारा किया गया यहकुकृत्य भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में सब से शर्मनाक कुकृत्य है। हमने भारत केइतिहास में किसी प्रतिपक्ष के नेता को कभी इस प्रकार अराजकता फैलाते हुए नहीं देखाहै। राहुल गांधी को हमारे प्रश्नों का उत्तर देना चाहिए। प्रतिपक्ष के नेता जिसअराजकता को बढ़ावा दे रहे हैं, उससे उन्हें बाज आना चाहिए। कांग्रेस पार्टी का जोकल्चर आज देश के सामने उजागर हो चुका है, उससे कांग्रेसपार्टी बेनकाब हो गई है। राहुल गांधी और उनकी पार्टी के चेहरे पर जो नकाब था, आज वह नकाब उतर चुका है। कांग्रेस पार्टी की असलियतसामने आ गई है। कांग्रेस को देश के कड़े सवालों का जवाब देना होगा। यह अराजकताकिसी भी तरीके से स्वीकार नहीं की जा सकती और हम इसकी कोटि-कोटि भर्त्सना करतेहैं।
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