अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
गुरुग्राम:के. आर. मंगलम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इमर्जिंग मीडिया एंड क्रिएटर इकोनॉमी (एसईएम सीई) द्वारा ‘राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका’ विषय पर एक विशेष विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मीडिया की बदलती भूमिका, जिम्मेदार पत्रकारिता और राष्ट्र निर्माण में मीडिया के योगदान के बारे में जानकारी देना था। कार्यक्रम में राजेश शांडिल्य, वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक, विश्व संवाद केंद्र तथा तरुण सिंह, अधिवक्ता एवं जिला प्रचार प्रमुख, भोंडसी ने विशेष वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया। दोनों वक्ताओं ने वर्तमान मीडिया के बदलते स्वरूप, पत्रकारिता की जिम्मेदारियों, सही एवं विश्वसनीय जानकारी और समाज पर मीडिया के प्रभाव से जुड़े विभिन्न विषयों पर विद्यार्थियों से चर्चा की।

राजेश शांडिल्य ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में मीडिया की भूमिका केवल समाचार देने तक सीमित नहीं है। मीडिया लोगों को जागरूक करने, सामाजिक मुद्दों को सामने लाने और समाज में सकारात्मक संवाद बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को पत्रकारिता में तथ्यों की जांच करने, विश्वसनीय जानकारी देने और नैतिक मूल्यों का ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्व संवाद केंद्र के उद्देश्यों और उसकी भूमिका के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी। इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार सैनी ने कहा, “मीडिया समाज को जागरूक करने, सकारात्मक संवाद स्थापित करने और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिम्मेदार और तथ्यपरक पत्रकारिता के माध्यम से युवा समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के माध्यम से सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।”कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विशेषज्ञ वक्ताओं से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने मीडिया, पत्रकारिता, सोशल मीडिया, मीडिया की सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में संचार की भूमिका से जुड़े सवाल पूछे। विशेषज्ञ वक्ताओं ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिए और अपने अनुभव साझा किए।कार्यक्रम प्रो. (डॉ.) अमित चावला, डीन, एसईएमसीई के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के साथ ऐसे संवाद विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाए जाने वाले विषयों को वास्तविक मीडिया जगत से जोड़ने में मदद करते हैं। इससे विद्यार्थियों को मीडिया के क्षेत्र की व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिलता है।कार्यक्रम का समन्वय डॉ. मानव शर्मा, सहायक प्राध्यापक, एसईएमसीई ने किया। इस अवसर पर पूर्ति शर्मा, तान्या, मेहुल, अमन देव, रिवा पाल और पल्लवी शुक्ला सहित संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन विशेषज्ञ वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। इस व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को जिम्मेदार पत्रकारिता, मीडिया की सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका को बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिला।
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