अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि भाजपा-आरएसएस के सिस्टम को सवाल पूछने वाले छात्र नहीं, बल्कि सवाल न पूछने वाले अंधभक्त चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम हिंदुस्तान के छात्रों के भविष्य को सीधी चुनौती दे रहा है, देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर रहा है और युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। शनिवार देर शाम मध्य प्रदेश में इंदौर के भारत जोड़ो मैदान में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उमड़ी छात्रों के विशाल हुजूम से सीधा संवाद करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश पर सिस्टम का कब्जा है, जिसके शीर्ष पर छह लोग बैठे हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे सिस्टम का संचालन करते हैं, गृह मंत्री अमित शाह छात्रों पर लाठियां और पैलेट गन चलवाते हैं,

एनएसए अजीत डोभाल संचार व फोन टैपिंग के जरिए नियंत्रण रखते हैं,आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत अपनी विचारधारा का एजेंडा चलाते हैं, जबकि अडानी-अंबानी पूरे सिस्टम को चलाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के प्रचार को फाइनेंस करते हैं। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम ने हर संस्था पर कब्जा कर रखा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि देश में कई महान क्रिकेटर होने के बावजूद क्रिकेट संस्था के महत्वपूर्ण पद पर अमित शाह के बेटे को बैठाया गया, जबकि देश में सचिन तेंदुलकर और कपिल देव जैसे क्रिकेटर मौजूद हैं। कार्यक्रम के दौरान सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे छात्रों ने मंच पर आकर भाजपा सरकार की नीतियों के कारण हो रही अपनी परेशानियां भी राहुल गांधी के सामने रखीं। अभ्यर्थियों ने मध्य प्रदेश के व्यापम समेत कई भर्ती घोटालों को गिनाते हुए बताया कि मुख्य परीक्षा व साक्षात्कार पास करने के बाद भी वे बेरोजगार बैठे हैं और उनकी उम्र निकलती जा रही है। छात्रों ने कहा कि कहीं परीक्षाएं तो कहीं परिणाम रुके पड़े हैं, जिससे वे दर-दर भटकने को मजबूर हैं और उन्हें मामूली नौकरी करनी पड़ रही है।अपने बेहद प्रभावशाली संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के बिना कोई भी देश मजबूत नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि आज हिंदुस्तान के छात्र खुश नहीं हैं; युवा डिग्रियां लेकर घूम रहे हैं लेकिन उनके पास रोजगार नहीं है। छात्रों पर भीषण दबाव है और उन्हें अपना भविष्य नजर नहीं आ रहा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि भाजपा-आरएसएस के सिस्टम को छात्र नहीं, अंधभक्त चाहिए; जबकि कांग्रेस छात्रों का हिंदुस्तान चाहती है, अंधभक्तों का नहीं। कांग्रेस चाहती है कि छात्रों की टूटी हुई उम्मीद वापस आए और वे फिर से शिक्षा और सिस्टम पर विश्वास करना शुरू करें। उन्होंने कहा कि आज देश में जो हिंसा और नफरत फैलाई जा रही है, उसे छात्र ही मिटा सकते हैं, अंधभक्त कभी नहीं मिटा सकते।छात्रों की विशेषताओं का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि छात्र जिज्ञासु, नफरत करने के बजाय मोहब्बत करने वाले, निडर, विनम्र, सहनशील एवं ईमानदार होते हैं, जो हमेशा सवाल पूछते हैं और इसी कारण मौजूदा सिस्टम उनसे खतरा महसूस करता है। राहुल गांधी ने कहा कि छात्र सरकार से पूछते हैं कि देश के व्यापार पर दो लोगों का ही कब्जा कैसे है, पेपर लीक क्यों हो रहे हैं और चुनाव आयोग, न्यायपालिका जैसी संस्थाएं अपना काम क्यों नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सिस्टम नहीं चाहता कि छात्र सवाल पूछें, इसलिए वह सवाल न पूछने वाले अंधभक्तों को तैयार कर रहा है। उन्होंने तंज कसा कि सिस्टम चलाने वाले लोग आम जनता के बच्चों को अंधभक्त बनाना चाहते हैं, जबकि उनके खुद के बच्चे विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं।छात्रों के बीच बदहाल शिक्षा व्यवस्था का सच सामने रखते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि शिक्षा देश की नींव है और यह छात्रों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि स्कूल से लेकर कॉलेज तक अच्छी शिक्षा और रोजगार देना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन आज इसके विपरीत हो रहा है। आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि 2014 में यूपीए सरकार के दौरान बजट का 4.6 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च होता था, जिसे घटाकर अब सिर्फ 2.6 प्रतिशत कर दिया गया है। 7.7 लाख करोड़ रुपये जो शिक्षा में जाने थे, वे अडानी-अंबानी जैसे अरबपतियों के हाथों में चले गए। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में लगभग 1.5 करोड़ छात्रों से छात्रवृत्ति छीन ली गई है और देश भर में 10 लाख शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा देश में करीब एक लाख सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं, जिनमें से 55 प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हैं। राहुल गांधी ने दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी की इमारत गिरने से हुई छात्रों की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि जब सरकार शिक्षा में कम पैसा खर्च करती है तो छात्र खतरे में पड़ जाते हैं। आज हॉस्टल न मिलने से छात्र असुरक्षित स्थितियों में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि देश में केवल 14 प्रतिशत छात्रों को हॉस्टल की सुविधा मिल पाती है। इस दौरान सत्य निकेतन हादसे में जान गंवाने वाले छात्र अर्पित जाज के परिजन भी मंच पर पहुंचे और नम आंखों से अपनी पीड़ा सुनाई।इस कार्यक्रम को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। भीड़ इतनी थी कि विशाल भारत जोड़ो मैदान राहुल गांधी के पहुंचने से काफी पहले ही छात्रों से खचाखच भर गया, जिसके बाद मैदान के गेट बंद करने पड़े। मैदान में जगह नहीं मिलने पर बड़ी संख्या में छात्र आसपास के इलाकों में जमा हो गए और देखते ही देखते आयोजन स्थल से सटे पूरे क्षेत्र ने एक विशाल सभा का रूप ले लिया। हजारों की संख्या में छात्राओं की मौजूदगी ने भी कार्यक्रम में युवाओं की व्यापक भागीदारी को रेखांकित किया। शाम से ही बड़ी संख्या में युवा लगातार कार्यक्रम स्थल की ओर पहुंचते रहे, जिससे पूरा इलाका युवाओं की भीड़, नारों और उत्साह से भर गया। राहुल गांधी के पहुंचने से पहले ही मैदान और उसके आसपास का पूरा क्षेत्र युवाओं के विशाल हुजूम में तब्दील हो चुका था।
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