
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़:पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। 5 राज्यों के चुनाव खत्म होते ही बीजेपी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया और लगातार दामों में बढ़ोत्तरी की है। 15 मई को पेट्रोल-डीजल ₹3 प्रति लीटर बढ़े, फिर 19 मई को करीब 90 पैसे की और बढ़ोतरी हुई। तेल की कीमतें बढ़ने के चलते तमाम वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। दूध से लेकर दाल, खाद्य तेल से लेकर कपड़े, रसोई या बिजनेस चलाने से लेकर ऑफिस जाने तक, हर चीज का बजट आसमान छू रहा है।हुड्डा ने कहा कि घरेलू 1 LPG सिलेंडर की बात करें तो ये मार्च 2026 में ₹910-913 पहुंच गया था। जबकि बीजेपी 500 रुपये का सिलेंडर देने का वायदा करके सत्ता में आयी थी। इसके विपरीत कांग्रेस कार्यकाल के दौरान इसका रेट बमुश्किल 400 रुपये होता था। इसी तरह कमर्शियल 19 किलो सिलेंडर के रेट मार्च में ₹114.50, अप्रैल में ₹195.50 और 1 मई को ₹993 की बढ़ा दिए गए। यानी दाम में कुल ₹1300+ का उछाल हुआ है। इसके चलते होटल, ढाबे, छोटे रेस्टोरेंट पर भारी असर पड़ा है। छोटे व्यापारी, टैक्सी-ट्रक ड्राइवर, होटल वाले कमर्शियल सिलेंडर के ₹3000+ रेट से परेशान हैं, जिससे खाने-पीने की चीजें और महंगी हो रही हैं।
माइग्रेंट वर्कर्स वाले 5 किलो चोटू सिलेंडर भी महंगे हो गए। जिसके चलते प्रवासी मजदूर वापिस अपने गांव जा रहे हैं।
अप्रैल 2026 में WPI थोक महंगाई 8.3% पहुंच गई, जो 42 महीने का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड है। ये सिर्फ आंकड़ा नहीं है, बल्कि ये बताता है कि जनता के रोजमर्रा इस्तेमाल में आने वाली चीज़ों के रेट कितनी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। गरीब व मध्यम वर्ग का मासिक बजट बुरी तरह बिगड़ रहा है। किसानों के लिए खेती लागत और बढ़ती जा रही है। लेकिन इसके मुकाबले एमएसपी में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हो रही।गरीब और मिडिल क्लास परिवारों की खरीद क्षमता घटी है, बचत कम हो रही है और दैनिक जीवन की लागत आसमान छू रही है। कांग्रेस सरकार के समय घरेलू LPG सिलेंडर मात्र ₹400 के आसपास मिलता था। पेट्रोल ₹70 और डीजल ₹50-55 प्रति लीटर था। यानी कांग्रेस ने मुश्किल से मुश्किल समय में भी महंगाई को कंट्रोल में रखा और जनता को राहत दी। लेकिन बीजेपी ने हमेशा अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा और कांग्रेस कार्यकाल में मिलने वाली सारी सब्सिडी व कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया। हरियाणा सरकार ने वैट और केंद्र सरकार ने टैक्स अत्यधिक बढ़ा दिए। हमारी मांग है वैट और टैक्स को कम किया और महंगायी पर नियंत्रण के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
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