
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली/फरीदाबाद: देश जब 23 मार्च को शहीद दिवस के रूप में अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि देगा, उसी दिन युवा शक्ति भी राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संकल्प लेकर सड़कों पर उतरेगी। “मेरा भारत, मेरी जिम्मेदारी” थीम के तहत मेरा युवा भारत (माय भारत) द्वारा देशभर के 763 जिलों में एक साथ राष्ट्रव्यापी पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस पदयात्रा में हजारों युवा हाथों में तिरंगा लेकर भाग लेंगे और शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए विकसित भारत निर्माण का संकल्प दोहराएंगे।

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार माय भारत द्वारा आयोजित इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण गतिविधियों से जोड़ना और उनमें जिम्मेदार नागरिकता की भावना को मजबूत करना है। “मेरा भारत, मेरी जिम्मेदारी” पदयात्रा एक देशव्यापी पहल है, जो युवाओं को शहीदों के बलिदान से प्रेरित होकर देश के प्रति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने का माध्यम बनेगी। देश के हर कोने में जब युवा एक साथ कदम बढ़ाएंगे, तो यह राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और समर्पण का सशक्त संदेश देगा।

यह पदयात्रा भारत के महान क्रांतिकारियों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के अद्वितीय बलिदान को समर्पित है। शहीद दिवस केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए जिम्मेदारी का संदेश भी है। यह पदयात्रा उसी विचार को आगे बढ़ाने का प्रयास है, जिसमें श्रद्धांजलि केवल शब्दों तक सीमित न रहकर कर्म और संकल्प में परिवर्तित होती नजर आए।हरियाणा के फरीदाबाद जिले में इस राष्ट्रव्यापी पदयात्रा का मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा, जहां केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्यमंत्री रक्षा निखिल खडसे और हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। यह मुख्य पदयात्रा के.एल. मेहता दयानंद कॉलेज से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शहीद भगत सिंह चौक तक पहुंचेगी। इस दौरान हजारों स्वयंसेवक अनुशासित ढंग से आगे बढ़ते हुए शहीदों को नमन करेंगे और राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करेंगे।देशभर में आयोजित होने वाली इस पदयात्रा की विशेषता इसकी व्यापकता और एकसमान उद्देश्य है। एक ही दिन, एक ही भावना के साथ देश के 763 जिलों में युवा एक साथ निकलेंगे। यह पदयात्रा अपने आप में एक विशाल जन-अभियान का रूप लेगी जिसमें गांव से लेकर शहर तक हर स्तर पर युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।पदयात्रा के माध्यम से युवाओं में यह संदेश भी पहुंचाया जाएगा कि शहीदों का बलिदान केवल इतिहास की एक घटना नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है, जो हर पीढ़ी को अपने कर्तव्यों की याद दिलाती है। आजादी हमें विरासत में मिली है, लेकिन उसे सशक्त और सुरक्षित बनाए रखना आज की पीढ़ी की जिम्मेदारी है। “मेरा भारत, मेरी जिम्मेदारी” का मूल भाव इसी सोच को आगे बढ़ाता है, जिसमें हर युवा अपने स्तर पर देश के विकास में योगदान देने का संकल्प लेता है।भारत विश्व के सबसे युवा देशों में से एक है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत भी है। अमृतकाल के इस दौर में, जब देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है, तब युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। माय भारत द्वारा आयोजित पदयात्रा युवाओं को इस दिशा में प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम बन रही है, जिससे वे अपने विचार, व्यवहार और कर्म के माध्यम से राष्ट्र को विकसित भारत की ओर आगे बढ़ा सकें।माय भारत द्वारा पूर्व में भी विभिन्न स्तरों पर पदयात्राओं का सफल आयोजन किया जा चुका है, जिसने युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत किया है। अब तक देशभर में 13 राष्ट्रीय स्तर, 108 राज्य स्तर और 1573 जिला स्तर की पदयात्राएं आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें 21 लाख से अधिक युवाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई है।इस बार की शहीद दिवस पदयात्रा को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों का भी प्रयोग किया गया है। माय भारत पोर्टल के जरिए युवाओं को स्वतंत्रता सेनानियों और गुमनाम नायकों के बारे में जानकारी देने के लिए क्विज और रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है। इससे युवाओं को अपने इतिहास से जुड़ने और उसे समझने का अवसर मिल रहा है। इसके साथ ही युवाओं की रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने वाली “एक युवा ऐसा भी” थीम पर आधारित एक रील प्रतियोगिता भी लॉन्च की गई है जिसमें युवा उत्साह के साथ अपनी प्रविष्टियाँ भेज रहे है। साथ ही“माय भारत सिविक सेंस चैलेंज” का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर के सभी जिलों में युवा श्रमदान गतिविधियों में भाग ले रहे है।“मेरा भारत, मेरी जिम्मेदारी” पदयात्रा के दौरान एक शपथ पटल भी स्थापित किया जाएगा, जहां युवा राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प दर्ज करेंगे। जब हजारों युवा इस शपथ पटल के सामने खड़े होकर राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का संकल्प दर्ज करेंगे, तो यह क्षण एक सामूहिक चेतना और प्रतिबद्धता का प्रतीक बनेगा। यहां लिया गया हर संकल्प युवाओं के विचार, व्यवहार और कर्म में परिवर्तन का आधार बनेगा।फरीदाबाद में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के लिए विस्तृत तैयारियां की गई हैं। सुबह प्रतिभागियों के आगमन और पंजीकरण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसके बाद शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत वातावरण में वंदे मातरम् का गायन होगा। अतिथियों के संबोधन के पश्चात पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। यह पदयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए निर्धारित स्थल तक पहुंचेगी, जहां शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का समापन किया जाएगा।इस पूरे आयोजन का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्र के प्रति जुड़ाव और जिम्मेदारी की भावना को सशक्त बनाना है। जब हजारों युवा एक साथ तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरेंगे, तो यह पदयात्रा एक एक जनांदोलन का स्वरूप लेती नजर आएगी।“मेरा भारत, मेरी जिम्मेदारी एक सोच है, जो हर नागरिक को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने के लिए प्रेरित करती है। यह पदयात्रा उसी सोच को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रयास है, जिससे हर युवा अपने स्तर पर देश को मजबूत बनाने में योगदान दे सके।जब देश के कोने-कोने में युवा एक साथ कदम बढ़ाएंगे, तो यह दृश्य न केवल शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, बल्कि एक मजबूत, एकजुट और विकसित भारत की दिशा में उठाया गया सशक्त कदम भी होगा। यह पदयात्रा इस विश्वास को और अधिक दृढ़ करेगी कि भारत का भविष्य उसके युवाओं के हाथों में सुरक्षित है, और जब युवा अपने कर्तव्यों को समझते हुए आगे बढ़ते हैं, तो राष्ट्र विकास की नई ऊंचाइयों को छूता है।
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