Athrav – Online News Portal
चंडीगढ़ फरीदाबाद हरियाणा

चंडीगढ़ ब्रेकिंग:ई-नीलामी मामले में आयोग की सख्ती, एचएसवीपी को ब्याज और मुआवज़ा अदा करने के दिए निर्देश


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
चंडीगढ़:हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने एक महत्वपूर्ण मामले में सुनवाई करते हुए एचएसवीपी को आवंटी को देय ब्याज का भुगतान करने तथा 5,000 रुपये मुआवजा देने करने के निर्देश दिए हैं।यह मामला हिसार निवासी श्रीमती रेखा सोनी से संबंधित है, जिन्होंने वर्ष 2022–23 की ई-नीलामी में भाग लेकर भूखंड खरीदा था। उन्हें 16 जून, 2023 को आवंटन-सह-कब्जा प्रमाणपत्र (Allotment-cum-Possession Certificate) जारी किया गया था, किंतु दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें वास्तविक कब्जा प्राप्त नहीं हुआ।

पूर्ण भुगतान करने के बावजूद आवंटी को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि वर्ष 2022–23 में जिन भूखंडों की ई-नीलामी की गई, उनमें से कुछ स्थलों पर आवश्यक विकास कार्य पूर्ण नहीं थे तथा विधिवत सीमांकन भी नहीं किया गया था।

आयोग ने स्पष्ट किया कि यद्यपि उस अवधि में लिए गए निर्णयों के लिए वर्तमान नेतृत्व को सीधे तौर पर उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता , फिर भी ऐसे मामलों का समाधान प्रशासनिक स्तर पर प्राथमिकता से किया जाना आवश्यक है।

आयोग ने अपनी अधिकार-सीमा स्पष्ट करते हुए कहा कि अधिसूचित सेवा “कब्जा प्रमाणपत्र जारी करना” है,जिसकी समय-सीमा तीन दिन निर्धारित है। वर्तमान मामले में प्रशासनिक एवं तकनीकी जटिलताओं के कारण निर्धारित समयावधि में कब्जा उपलब्ध कराना संभव नहीं है। अतः आयोग ने सीए, एचएसवीपी को निर्देशित किया है कि वे इस प्रकरण की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हुए सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। 

आयोग ने यह भी पाया कि आवंटन पत्र की शर्त संख्या 5 के अनुसार यदि 30 दिनों के भीतर कब्जा प्रदान नहीं किया जाता, तो 5.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होता है। इसके बावजूद संबंधित आवंटी को अब तक ब्याज का भुगतान नहीं किया गया। इस पर आयोग ने ईओ, हिसार को निर्देश दिए हैं कि देय ब्याज का भुगतान कर 06 मार्च, 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें। 

साथ ही, आयोग ने हरियाणा राइट टू सर्विस अधिनियम, 2014 के अंतर्गत अधिकतम अनुमेय 5,000 रुपये का मुआवजा आवंटी को उत्पीड़न के लिए प्रदान करने का आदेश दिया है। यह राशि एचएसवीपी द्वारा प्रारंभ में अपने कोष से अदा की जाएगी ,जिसे बाद में जांच उपरांत संबंधित दोषी अधिकारियों से वसूल किया जा सकेगा।आयोग ने आशा व्यक्त की है कि एचएसवीपी प्रशासनिक एवं स्थल संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रभावित आवंटियों को राहत प्रदान करेगा तथा भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति नहीं होने देगा।

Related posts

फ़रीदाबाद: अंबाला जिले के श्री राम मुलख कॉलेज में साबूल अंसारी नाम के छात्र ने कॉलेज प्रशासन की गुंडागर्दी के कारण आत्महत्या कर ली,विरोध प्रदर्शन ।

Ajit Sinha

फरीदाबाद: विकास दुबे के करीबी प्रभात और शरण देने वाले रिश्तेदार, पिता श्रवण और बेटा अंकुर को किया गिरफ्तार-देखे पूरा वीडियो।

Ajit Sinha

फरीदाबाद: खेड़ी कलां गाँव में 24 घंटे में 8 मौते होने से गाँव के लोगो में भय का माहौल व बना चर्चा का विषय-सत्यपाल नरवत

Ajit Sinha
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
error: Content is protected !!
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x