अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस ने पार्टी सांसद द्वारा गोवा को विशेष दर्जा देने के लिए संसद में पेश किए गए निजी विधेयक को पास करने की मांग की है। साथ ही केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर गोवा के पर्यावरण, संस्कृति और पहचान को नष्ट करने का आरोप लगाया है।कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में गोवा कांग्रेस प्रभारी माणिकराव ठाकरे, दक्षिण गोवा के सांसद कैप्टन विरियाटो फर्नांडिस और प्रदेश अध्यक्ष अमित पाटकर ने भाजपा सरकार पर गोवा को ‘कोयला हब’ बनाने और उसकी प्राकृतिक सुंदरता को नष्ट करने का गंभीर आरोप लगाया।गोवा कांग्रेस प्रभारी माणिकराव ठाकरे ने कहा कि गोवा की पहचान पूरे विश्व में उसके पर्यटन और संस्कृति से है, लेकिन भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार गोवा के हित को पूरी तरह से नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में नरेंद्र मोदी ने गोवा को सुरक्षित रखने का वादा किया था, लेकिन 12 साल बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। ठाकरे ने हाल ही में गोवा में हुए दर्दनाक हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें 25 लोगों की जान चली गई, लेकिन सरकार ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के बजाय केवल मजिस्ट्रेट जांच का आदेश देकर खानापूर्ति की है। कांग्रेस ने सीबीआई जांच की मांग की थी, जिसे ठुकरा दिया गया।

दक्षिण गोवा के कांग्रेस सांसद कैप्टन विरियाटो फर्नांडिस ने बताया कि उन्होंने लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक, 2025 पेश किया है, जिसके तहत गोवा को अनुच्छेद 371-IA के अंतर्गत विशेष संवैधानिक संरक्षण देने का प्रस्ताव है। इस संशोधन के तहत गोवा सस्टेनेबल डेवलपमेंट काउंसिल की स्थापना कर गोवा की बची हुई जमीन, नदियों, जंगलों, पहाड़ियों, बागानों और कृषि भूमि की संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। यह विधेयक परंपरागत समुदायों, मछुआरों, अनुसूचित जनजातियों, अनुसूचित जातियों, ओबीसी और कोंकणी भाषा, त्योहारों, लोक कलाओं और विरासत की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, ताकि गोवा की पहचान और उसकी सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षित रह सके। इससे हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और मिजोरम की तर्ज पर गोवा को संवैधानिक संरक्षण मिल सकेगा।गोवा के इतिहास का जिक्र करते हुए फर्नांडिस ने याद दिलाया कि 1961 में गोवा को आजाद कराया गया, 1967 में इंदिरा गांधी के नेतृत्व में जनमत सर्वेक्षण ने यह सुनिश्चित किया कि गोवा एक स्वतंत्र इकाई बना रहे और 1987 में राजीव गांधी ने राज्य का दर्जा दिया तथा कोंकणी को आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता दी। उन्होंने कहा कि यह गोवा की पहचान को सुरक्षित रखने में कांग्रेस पार्टी का योगदान है।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने गोवा में बड़े पैमाने पर विनाश को बढ़ावा दिया है। 2020 के लॉकडाउन के दौरान कॉर्पोरेट हितों के लिए रेलवे डबल ट्रैकिंग, सड़क विस्तार और तम्नार परियोजना जैसे तीन बड़े प्रोजेक्ट को कोयले के परिवहन को आसान बनाने हेतु आगे बढ़ाया गया, जिससे गोवा में पर्यावरण को व्यापक नुकसान हुआ। मोर्मुगाओ बंदरगाह को मेजर पोर्ट अथॉरिटी बनाकर कोयला हैंडलिंग बढ़ाई गई, जिससे गोवा एक स्वर्ग से कोयला हब में बदल गया।वहीं, गोवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित पाटकर ने आंकड़ों के साथ भाजपा को घेरा। उन्होंने बताया कि गोवा की 16 लाख की आबादी है और यहां हर साल एक करोड़ से ज्यादा पर्यटक आते हैं। लेकिन बुनियादी ढांचे और पर्यावरण की सुध लेने वाला कोई नहीं है। पिछले 10 वर्षों में 76 वर्ग किलोमीटर जंगल साफ कर दिए गए। सरकार ने संशोधनों के माध्यम से लगभग 68 लाख वर्ग मीटर जमीन का लैंड-यूज़ बदलकर उसे बेचने की साजिश रची है। उन्होंने इसे करोड़ों रुपये का घोटाला बताया। उन्होंने यह भी कहा कि 100 दिन में रीजनल प्लान लाने का वादा करने वाली भाजपा ने राज्य में 14 साल से सत्ता में होते हुए भी कुछ नहीं किया।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विभिन्न दलों के सांसदों के साथ सकारात्मक चर्चा हुई है और उम्मीद जताई कि यह विधेयक लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पारित हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह विधेयक संसद में पास नहीं होता है, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। गोवा की सांस्कृतिक विरासत और पहचान को बचाने के लिए पार्टी संसद से लेकर गोवा की सड़कों तक बड़ा आंदोलन छेड़ेगी।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

