अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस ने प्रयागराज माघ मेले में दुर्व्यवहार के बाद ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को नोटिस दिए जाने पर गहरी नाराजगी जताते हुए इसे हिंदू धर्म पर हमला करार दिया है। कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी के मीडिया व पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन एवं पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा आधी रात को स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को नोटिस भेजना और यह कहना कि वह उन्हें शंकराचार्य नहीं मानती, घमंड की पराकाष्ठा है। हिंदू समाज समेत पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के मौन को देख रहा है और उन्हें इसके लिए माफ नहीं करेगा।

कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि मौनी अमावस्या पर प्रयागराज माघ मेले में शाही स्नान के लिए जा रहे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी को पुलिस ने रोक दिया था। इस दौरान पुलिस की मारपीट में उनके कई शिष्यों को चोटें आईं थीं। इस अपमान के विरोध में शंकराचार्य पिछले 48 घंटों से बिना अन्न-जल के कड़ाके की ठंड में धरने पर बैठे हैं।खेड़ा ने कहा कि माफ़ी मांगने के बजाय आधी रात को उत्तर प्रदेश प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस भेजकर पूछा कि वह अपने नाम के आगे शंकराचार्य कैसे लिख रहे हैं। उन्होंने इसे विनाश काले विपरीत बुद्धि करार देते हुए कहा कि कोई डीएम या मुख्यमंत्री यह तय नहीं कर सकता कि कौन शंकराचार्य है; यह धर्म का आंतरिक विषय है। कांग्रेस प्रवक्ता ने वीडियो दिखाते हुए कहा कि जब तक स्वामी जी भाजपा के एजेंडे और गौ मांस जैसे मुद्दों पर सवाल नहीं उठाते थे, तब तक सरकार उन्हें शंकराचार्य मानती थी। जब उन्होंने राम मंदिर की आधी-अधूरी प्राण प्रतिष्ठा का विरोध किया, महाकुंभ की अव्यवस्था पर सवाल उठाए और मोदी सरकार की निंदा की तो वे भाजपा सरकार की नजरों में शंकराचार्य नहीं रहे और उन्हें शाही स्नान करने से रोका गया। उन्होंने 1954 के शिरूर मठ मामले का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि मठ की परंपराओं और संचालन में किसी को हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है। उन्होंने रात 12 बजे भेजे गए नोटिस को कानून और संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का उल्लंघन बताया। साथ ही इसे बेशर्मी, बेहयाई और निर्लज्जता करार दिया।खेड़ा ने आगे कहा कि शंकराचार्य सिर्फ सनातन परंपरा के अनुसार विधिवत गंगा स्नान करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इसके लिए अनुमति लेने को कहा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संतों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, जबकि हिंदू धर्म के स्वयंभू ठेकेदारों और सत्ता समर्थक लोगों को विशेष सुरक्षा व सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस जैसे संगठन की सुरक्षा में करोड़ों रुपए खर्च कर दिए जाते हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा सरकार अब तक मुसलमानों से कागज मांगती थी, अब हिंदुओं के संत शिरोमणि से कागज मांग रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘बटेंगे तो कटेंगे’ का नारा लगाने वाले अब हिंदू धर्म को भी बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटों में जो घटनाएं हुई हैं, उनसे पूरे देश और विश्व में हिंदू समाज आहत एवं आक्रोशित है।
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