
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:भाजपा मुख्यालय में भाजपा व चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के नेताओं के बीच हुई गुप्त बैठक के तुरंत बाद चीन द्वारा कश्मीर की शक्सगाम घाटी पर दावा किए जाने को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को कटघरे में खड़ा किया है। चीन मुद्दे पर भाजपा के दोहरे रवैये को उजा गर करते हुए कांग्रेस ने कहा कि देश को यह जानने का अधिकार है कि भाजपा और चीन की सत्तारूढ़ पार्टी के बीच बंद कमरों में हुई बैठकों में क्या बातचीत हुई। कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी के मीडिया व पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने वीडियो दिखाते हुए तंज कसा कि गिरगिट ने भी भाजपा से रंग बदलना सीख लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने चीन के प्रति “आत्मसमर्पण की नीति” अपनाई है। उन्होंने कहा कि सरकार का दोहरा रवैया और चुप्पी न केवल भारत की विदेश नीति को कमजोर कर रही है, बल्कि राष्ट्रीय हितों से भी गंभीर समझौता कर रही है।

खेड़ा ने हालिया घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि सोमवार को भाजपा मुख्यालय में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और भाजपा नेताओं की बैठक हुई और उसके कुछ ही घंटों बाद चीन ने कश्मीर की शक्सगाम घाटी पर अपना दावा ठोक दिया। उन्होंने कहा कि एक तरफ मोदी सरकार द्वारा जनता से चीनी सामान नहीं खरीदने को कहा जाता है, दूसरी तरफ चीनी प्रतिनिधिमंडल के लिए भाजपा मुख्यालय में रेड कारपेट बिछाया जाता है। चीनी कंपनियों को भारत में निवेश, जमीन और ठेके दिए जा रहे हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत में चीनी सामान की बाढ़ आ गई है, लेकिन सरकार इसे रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रही। चीन ने रेयर अर्थ और फर्टि लाइज़र (खाद) पर अघोषित प्रतिबंध लगाकर भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचाया, जिस पर मोदी सरकार ने चुप्पी साधे रखी। नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो वहां स्कूलों में चीन की भाषा सीखने की पैरवी करते थे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध में मध्यस्थता करने जैसे दावे अब चीन भी कर रहा है। चीन पैंगोंग त्सो झील के रास्ते से मिलिट्री पुल और ब्रह्मपुत्र नदी के पास डैम बना रहा है। चीन ने कई बार डोकलाम, सिलीगुड़ी कॉरिडोर, शक्सगाम से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक भारत के साथ नापाक हरकत की। लेकिन मोदी सरकार खामोश है। भारत की सीमाओं के पास चीन ढांचे का निर्माण कर रहा है और मोदी सरकार चीनी मजदूरों को वीजा दे रही है। पवन खेड़ा ने याद दिलाया कि गलवान में 20 बहादुर सैनिकों की शहादत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन को क्लीन चिट देकर पूरे विश्व में भारत की स्थिति कमजोर की थी।कांग्रेस नेता ने पूछा कि भाजपा-आरएसएस स्पष्ट करें कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ उनकी गुप्त बैठकों का एजेंडा क्या है? क्या बंद दरवाजों की इन बैठकों में चीन के अतिक्रमण पर कोई चर्चा हुई? उन्होंने आगे सवाल किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन द्वारा पाकिस्तान को दी गई सैन्य मदद पर भाजपा ने सवाल क्यों नहीं पूछे? जब चीन अरुणाचल के नागरिकों को हिरासत में लेता है और भारतीय गांवों के नाम बदलता है, तब प्रधानमंत्री चुप क्यों रहते हैं? पीएम केयर्स फंड में चीन की उन कंपनियों से पैसा क्यों लिया गया जो ब्लैकलिस्टेड हैं?पवन खेड़ा ने कहा कि देश एक झुका हुआ प्रधानमंत्री कभी स्वीकार नहीं करेगा, जो दुश्मन के सामने नतमस्तक हो जाए। उन्होंने पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि भाजपा बताए कि इन बंद कमरों की बैठकों में भारत के कितने हितों का समझौता किया गया है।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

