
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़: राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, अम्बाला ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘पीछा करो’ के अंतर्गत एक बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़े तीन फरार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी आज सोमवार को की गई है, जो थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, अंबाला में पंजीकृत है।गिरफ्तार किए गए आरोपितों के नाम पहचान धर्मवीर पुत्र जय किशन शर्मा, निवासी गांव सिरटा, जिला कैथल (CEG सेंटर संचालक), राजेश कुमार पुत्र खजान चन्द, निवासी डिफेंस कॉलोनी, कैथल तथा नवीन कुमार पुत्र रघुबीर सिंह, निवासी मकान नं. 99, गली नं. 01, फ्रेंड्स कॉलोनी, असंध, जिला करनाल (Customer Service Point संचालक) है। तीनों आरोपित निजी व्यक्ति हैं।
छात्रवृत्ति घोटाले का संगठित षड्यंत्र
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा की गई विस्तृत जांच में सामने आया कि आरोपितों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत तत्कालीन उप प्रबंधक (लेखाकार), भारतीय स्टेट बैंक, मिनी सचिवालय कैथल (सेवानिवृत्त) हुक्म चन्द गुप्ता के साथ मिलीभगत कर शैक्षणिक सत्र 2013–14 एवं 2014–15 के दौरान बड़े पैमाने पर छात्रवृत्ति घोटाले को अंजाम दिया। जांच में पाया गया कि आरोपितों ने 91 छात्र/छात्राओं के बैंक खाते अपने CEG सेंटर के फर्जी पते पर खुलवाए , जिनमें अपने मोबाइल नंबर दर्ज कराए गए। इन खातों की पासबुक व एटीएम कार्ड अपने कब्जे में रखे गए। इसके बाद पंजाब राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में फर्जी रूप से GNM/ANM कोर्स में दाखिला दर्शाते हुए, कॉलेजों की जाली मोहरें व प्राचार्य के फर्जी हस्ताक्षर कर छात्रवृत्ति आवेदन तैयार किए गए।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों की छात्रवृत्ति राशि का गबन

आरोपियों द्वारा फर्जी उपस्थिति रजिस्टर तैयार कर तथा जाली दस्तावेजों सहित आवेदन जिला कल्याण अधिकारी, कैथल कार्यालय में जमा कराए गए। इसके उपरांत CSP की बायोमैट्रिक मशीन के माध्यम से छात्रवृत्ति की राशि नकद, चेक एवं NEFT के जरिए अपने बैंक खातों में स्थानांतरित कर ली गई। इस प्रकार कुल 91 छात्र/छात्राओं की ₹44,59,760/- की छात्रवृत्ति राशि का गबन कर हरियाणा सरकार एवं लाभार्थियों को गंभीर आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
कानूनी कार्रवाई
उक्त प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2), 13(1)(c), 13(1)(d) तथा भारतीय दंड संहिता की धाराएं 406, 409, 420, 467, 468, 471 एवं 120-बी के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। मामले में पूर्व में भी नामजद आरोपी हुक्म चन्द गुप्ता, सेवानिवृत्त उप प्रबंधक (लेखाकार), भारतीय स्टेट बैंक, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है।
‘पीछा करो’ अभियान के तहत लगातार कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि ‘पीछा करो’ अभियान के तहत अब तक राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हरियाणा द्वारा कुल 20 फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह अभियान भ्रष्टाचार में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें कानून के शिकंजे में लाने की दिशा में निरंतर प्रभावी रूप से जारी है।
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