
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
दिल्ली:भारतीय जनता पार्टी की बड़ी प्रसिद्ध तस्वीर है, जिसमें लाल कृष्ण आडवाणी ऊपर कुर्सी पर बैठे हुए हैं और उस समय युवा कार्यकर्ता रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीचे बैठे हुए हैं। यह भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली का एक प्रतीक है कि धरातल से जुड़ा हुआ व्यक्ति किस प्रकार अपनी प्रतिभा, क्षमता और संगठन के सहयोग से शीर्ष स्तर तक पहुंचकर भारत के सबसे लोकप्रिय तथा विश्व के सबसे लोकप्रिय नेतृत्व के रूप में उभरने में सफल होता है। कहीं न कहीं दिग्विजय सिंह अब बहुत वरिष्ठ हो चुके हैं, राजनीति को लंबे समय से देख रहे हैं तो संभव है कि उन्हें इस बात का एहसास हुआ हो, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुदड़ी के लाल हैं और कांग्रेस का नेतृत्व ‘जवाहर के लाल ‘से तुलना योग्य नहीं है।कांग्रेस का नेतृत्व ‘जवाहर के लाल’ हैं। तो, वह up-side down हैं, इसलिए अपनी पार्टी को up-side down लेकर आए हैं। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘गुदड़ी के लाल हैं। वे bottom से up उठे हैं, तो पार्टी को भी bottom से up करके ऊपर तक ले जा रहे हैं। अब राहुल गांधी नीचे की ओर जा चुके हैं, इसलिए अपनी पार्टी को भी नीचे की ओर ले आए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुदड़ी के लाल हैं, नीचे से उठे हैं और पार्टी को भी नीचे से ऊपर तक लेकर जा रहे हैं।

राहुल गांधी की समझ के विषय में सवाल केवल दिग्विजय सिंह ने नहीं उठाया है, अमेरिका के दो बार राष्ट्रपति रहे बराक ओबामा ने अपनी पुस्तक ‘द प्रॉमिस्ड लैंड’ के अध्याय 24 में लिखा है कि राहुल गांधी एक ऐसे छात्र हैं जो अपने शिक्षक को प्रभावित करने की छटपटाहट में बहुत कुछ भावभंगिमा तो दिखा रहे हैं, पर उनमें वास्तविक ज्ञान और गंभीरता का अभाव है। सत्ता के बगैर कांग्रेस छटपटा रही है और 2024 के बाद तो वह छटपटाहट, तड़फड़ाहट में बदल गई है।
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