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अपराध गुडगाँव

थाना साईबर अपराध ने तीन शातिर ठग को अरेस्ट कर करीब 56 लाख रूपए नकद व लाखों रूपए सोना बरामद किया हैं।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
गुरुग्राम: बैंक में गिरवी रखी प्रोपर्टी को बेचने के लिए बैंक की फर्जी डोमेन (फर्जी ईमेल आई.डी.) तैयार करके धोखाधङी से 2 करोङ 38 लाख रुपयों की ठगी करने की वारदात को अन्जाम देने वाले 3 शातिर आरोपितों को थाना साईबर अपराध की टीम ने अरेस्ट किया हैं। आरोपितों ने जालसाज़ी करके सम्बन्धित बैंक (पंजाब नैशनल बैंक) की फर्ज ईमेल आई के माध्यम से पीङित को प्रोपजल भेजकर दिया था। प्रोपर्टी दिलाने का प्रलोभन, जिसके आधार पर आरोपितों  ने पीङित को अपने विश्वास में लेकर दिया वारदात को अन्जाम। इनके कब्जे से नगदी से खरीदी गई 3 सिली/टीकी  (Gold Brick) व 52 लाख 50 हजार रुपयों की नगदी बरामद की गई हैं। 

पुलिस प्रवक्ता सुभाष के मुताबिक थाना साईबर अपराध,टीम को एक प्राप्त शिकायत की जाँच उपरान्त बीते 16 फ़रवरी -2021 को मुकदमा नंबर -14, भारतीय दंड सहिंता की धारा  419, 420,120B,467/468,471 IPC & 66D IT Act थाना साईबर अपराध, गुरूग्राम दर्ज किया गया था इस मुकदमे में धोखाधङी करने वाले आरोपितों  को काबू करने के लिए श्रीमती आस्था मोदी पुलिस उपायुक्त मुख्यालय के निर्देशानुसार तथा करण गोयल, सहायक पुलिस आयुक्त डी.एल.एफ. की देखरेख में निरीक्षक जसबीर पूनिया, प्रभारी थाना साईबर अपराध, गुरुग्राम के नेतृत्व में निरीक्षक देवेन्द्र मान, मुख्य सिपाही नवीन, सिपाही कविन्द्र व सिपाही रविन्द्र सहित एक स्पेशल पुलिस टीम गठित की गई। इस मुकदमे  में धोखाधङी करके करोङो रुपयों की ठगी करने वाले आरोपितों  को अरेस्ट  करने के लिए गठित की गई पुलिस टीम द्वारा तत्परता से कार्रवाई  करते हुए आरोपितों  द्वारा जिस फर्जी बैंक खाते में रुपए ट्रान्सफर कराए  थे उन बैंक खातों की तथा जिस ईमेल आई.डी. के माध्यम से पीङित को प्रोजल भेजा गया था। उस इमेल आई .डी. सहित इस मामले से सम्बन्धित सभी जानकारी इक्ट्टा की गई व इस मुकदमे  में आरोपितों  को अरेस्ट  करने के लिए पुलिस टीम द्वारा अपनी कार्य कुशलता का परिचय देते हुए तथा पुलिस तकनीकी, पुलिस प्रणाली का प्रयोग करते हुए उपरोक्त मुकदमे  में मुख्य आरोपित व उसके 2 अन्य साथी आरोपितों को अरेस्ट करने में बङी सफलता हासिल की है। इन आरोपितों के नाम  किशन कुमार, निवासी म.न. 163, प्रथम तल, विवेक विहार दिल्ली -95 ,राकेश वाष्णीय उर्फ राकेश गुप्ता , निवासी साहूकारा मोहल्ला, कस्बा चंदौसी थाना चंदौसी जिला सम्भल उ.प्र. हाल म.न. 163 नितिखण्ड -2, इन्द्रापुरम गाजियाबाद उत्तरप्रदेश.व सौरभ पालनवाल उर्फ सुमित शर्मा उर्फ पासु  निवासी F-171/ S 2, Dilshad Colony, East Delhi -95 हाल C-44A, श्यामपार्क एक्सटैन्सन , शाहिबाबाद, गाजियाबाद , उत्तरप्रदेश हैं।  उनका कहना हैं कि बीते 16 फ़रवरी 2021 को पुलिस टीम द्वारा उक्त आरोपित किशन कुमार को काबू करके मुकदमे  में नियमानुसार गिरफ्तार किया गया व अदालत से 2 दिन के पुलिस हिरासत रिमाण्ड पर लिया गया। पुलिस  रिमाण्ड के दौरान आरोपित  ने उपरोक्त मुकदमे  की वारदात को अन्जाम देने में शामिल अपने उक्त 2 साथी आरोपितों  राकेश वाष्णीय व सौरभ पालनवाल के नाम का खुलासा  किया। जिस पर पुलिस टीम द्वारा तत्परता से कार्रवाई करते हुए दिनांक 19 फ़रवरी -2021 को उक्त दोनों आरोपितों राकेश व सौरभ को गुरुग्राम  से अरेस्ट  करके मुकदमे  में अरेस्ट  किया गया व दोनों आरोपितों को अदालत के सम्मुख पेश करके 02 दिन के पुलिस रिमाण्ड पर लिया गया। 

उनका कहना हैं कि आरोपितों  से पुलिस  रिमाण्ड के दौरान पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि उपरोक्त आरोपित किशन पहले बैंक में काम करता था और बैंक द्वारा प्रापर्टी ऑक्शन की प्रक्रिया को अच्छे से जानता था। आरोपित किशन ने अपने उक्त साथी राकेश वाष्णीय उर्फ राकेश गुप्ता के साथ मिलकर धोखाधङी से फर्जी बैंक खाते व ईमेल आई.डी. इत्यादि तैयार करके बैंक के पास गिरवी रखी प्रोपर्टी को फर्जी रुप से बेचने के नाम पर रुपए कमाने की योजना बनाई। योजनानुसार आरोपितों  ने अपने उपरोक्त साथी आरोपित  सौरभ पालनवाल उर्फ सुमित शर्मा  को अपने साथ शामिल किया और उससे बैंक का डोमेन @pnbcustmorcare.com खरीदकर फर्जी ईमेल आई.डी. तैयार करने के लिए कहा तो सौरभ पालनवाल ने 2 हजार रुपयों में @pnbcustmorcare.com के नाम से फर्जी डोमेन खरीदा और इस धोखाधङी की वारदात को अन्जान देनें के लिए आरोपितों  ने एक फर्जी कम्पनी ARMS (Aatma Ram Maharaj Building)  के नाम से बनाई जिसका शॉर्ट नाम ARMB दिया ताकि कस्टमर को बैंक का ही पुलअकाउंट दिखे। इसके द्वारा रजिस्ट्रर कराया हुआ डोमेन pnbcustmorcare.com से ARMS@pnbcustmorcare.com नाम की ईमेल आई.डी. बनाकर शिकायतकर्ता से बैंक अधिकारी बनकर बातचीत शुरू कर दी तथा बैंक की फर्जी मेल आई.डी. से कस्टमर/ शिकायतकर्ता से फर्जी बनाए ARMS  बैंक खाता में रुपए जमा करा लिए । शिकायतकर्ता द्वारा भी जब इस सम्बन्ध में बैंक में जाकर पता किया तो उसे पता चला था कि उसके साथ धोखाधडी करके PNB Bank में ARMB (Assets Recovery Management Branch की जगह फर्जी ARMS (Aatma Ram Maharaj Building) बैंक में जमा कराए गए है। मुकदमे  में पीङित/शिकायतकर्ता से ट्रान्सफर कराए गए रुपयों को इन्होनें अन्य बैंक खातों में ट्रान्सफर करके व नगदी रुप में निकाल लिए थे। आरोपितों  द्वारा ट्रान्सफर कराई गई नगदी में से 1 करोङ 50 लाख रुपयों की नगदी दिल्ली में एक ज्वैलर के खाते में ट्रान्सफर करके उससे 03 सिली/टीकी (Gold Brick) (प्रति सिली/टीका 1 किलो वजन) खरीदी थी व बाकी रुपयों को इन्होने आपस में बांट लिया था। उनका कहना हैं कि आरोपितों  से पुलिस पूछताछ में यह भी ज्ञात हुआ कि उक्त आरोपित किशन कुमार द्वारा अगले कुछ दिनों में इस प्रकार से बैंक के पास गिरवी प्रोपर्टी को फर्जी रुप से बेचकर 40 करोङ रुपयों की रकम इकट्ठा करना था और इसने अपने साथियों के साथ मिलकर और 02 वारदातों को अन्जाम दे दिया था और इसके पास 02 पार्टियों से 7 व 10 करोङ रुपए में डील भी हो चुकी थी और अगले कुछ ही दिनों में इनके पास रुपए आने वाले थे। आरोपित  40 करोङ रुपयों की रकम इक्कट्ठा करने के बाद भारत छोङकर दुबई सैटल होने की फिराक में थे, किन्तु पुलिस ने उससे पहले ही इन्हें काबू करके इनके ईरादों पर पानी फेर दिया। उनका कहना हैं कि पुलिस टीम द्वारा उपरोक्त आरोपित  किशन के कब्जा से 02 टीकी/सिल्ली (Gold Brick), उक्त आरोपित  राकेश के कब्जा से 01 टीकी/सिल्ली (Gold Brick) व 44 लाख रुपयों की नगदी तथा आरोपी सौरभ के कब्जा से 08 लाख पचास हजार रुपयों की नगदी सहित तीनों आरोपितों से कुल (03 टीकी/सिल्ली (Gold Brick) व 54 लाख 50 हजार रुपयों की नगदी) बदामद की गई है। 

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