दिल्ली नई दिल्ली राजनीतिक राष्ट्रीय वीडियो

हिंदुस्तान के अंदर कोविड से जिन हर पांच व्यक्ति की मृत्यु हो रही है, उन हर पांच में से एक व्यक्ति दिल्ली का है-अजय माकन, वीडियो देखें

अजीत सिन्हा /नई दिल्ली
अजय माकन ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा – नमस्कार। आप सब लोगों का बहुत-बहुत स्वागत है। मैं राजस्थान से सीधे ब्रीफिंग पर आया हूँ। कोरोना के ऊपर ये स्पेशल ब्रीफिंग हमने रखी है और ये बहुत महत्वपूर्ण है। आप सब लोगों को जानकर बड़ा आश्चर्य होगा, दुख की बात भी है और ये सरकार की अकर्मण्यता की भी निशानी है कि हिंदुस्तान के अंदर कोविड से जिन हर पांच व्यक्ति की मृत्यु हो रही है, उन हर पांच में से एक व्यक्ति दिल्ली का है और दिल्ली की सरकार जो कि नेशनल कैपिटल है और एक तरीके से यूनियन टैरीटरी भी है और इसलिए दिल्ली के मुख्यमंत्री और केन्द्र के गृह मंत्री दिल्ली की इस स्थिति के लिए दोनों बराबर के जिम्मेदार हैं और नी जर्क रिएक्शन और केवल विज्ञापन, इसके अलावा इन लोगों ने, दोनों ने कुछ भी नहीं किया है।

आप हैरान होंगे कि भारत के हर पांच में से एक व्यक्ति जब दिल्ली के अंदर उसकी मृत्यु हो रही है आज दिल्ली के अंदर टोटल संक्रमण दर प्रति मिलियन दुनिया की बाकी देशों से तुलना करें तो हम ब्राजील से, यूके से, फ्रांस से, इटली से, ये सारे के सारे जितने भी देश हैं, उनसे भी ज्यादा दिल्ली के अंदर अकेले संक्रमण की दर है। पूरे देश के अंदर जो संक्रमण की दर है, जो पूरे देश के अंदर है, उससे भी हम सब के सब लोग, मैं ये आपको स्ट्रैटिस्टिक में बताना चाहता हूँ,पूरे देश के अंदर, प्रति मिलियन 6,400 व्यक्ति प्रति मिलियन,6,407 व्यक्ति एग्जेक्ट जो केसेसे हैं, पॉप्यूलेशन के हिसाब से और दिल्ली अकेले के अंदर ये 29,140 केस प्रति मिलियन है यानि पूरे के पूरे देश से लगभग पांच गुना ज्यादा संक्रमण अकेले दिल्ली के अंदर हैं। दिल्ली के अंदर 459 व्यक्ति प्रति मिलियन उनकी मृत्यु दर है। जो दिल्ली के अंदर ये और जिस राज्य का मैं प्रभारी हूँ, राजस्थान में वहाँ पर मात्र 30 व्यक्ति प्रति मिलियन की मृत्यु दर है, दिल्ली के अंदर राजस्थान से लगभग 15 गुना ज्यादा, 459 व्यक्ति की मृत्यु दर है, प्रति मिलियन। कितना बड़ा फर्क, 15 गुना राजस्थान है और अभी भी पडोसी राज्यों से हर एक से कई-कई गुना ज्यादा दिल्ली के अंदर मृत्यु दर, संक्रमण दर, दोनों के दोनों हैं। तो क्या दोनों की दोनों सरकारें यहाँ पर कर रही हैं, सिवाए एडवर्टिजमेंट के, सिवाए लीपा पोती के कुछ भी नहीं यहाँ पर दिल्ली में किया जा रहा है। मेरे पास एनसीडीसी की रिपोर्ट अक्टूबर के पहले महीने के अंदर जो रिपोर्ट जारी की गई थी, जो डॉ विनोद पॉल नीति आयोग के जो मेम्बर हैं, जो इसके चेयरमैन हैं, उन्होंने इस रिपोर्ट को जारी किया था, इसकी कॉपी भी हम आप सब लोगों को देंगे। ये रिवाइज स्ट्रैट्जी फॉर कंट्रोल ऑफ कोविड-19 वर्जन 3.0 के नाम से ये रिपोर्ट है और ये रिपोर्ट कवर भी बहुत एक्सटेंसीवेली हुई थी। इस रिपोर्ट के हिसाब से दिल्ली के अंदर 15 हजार केसेस प्रतिदिन के हिसाब से होने वाले हैं और अगर जब 15 हजार केसेस दिल्ली के अंदर प्रति दिन के हिसाब से होने वाले हैं तो प्रति मिलियन जो अभी नीति आयोग ने 500 बोला है, वो 500 तक नहीं रहेगा, 15 हजार प्रतिदिन का मतलब 780 केस प्रतिदिन, प्रति मिलियन, प्रतिदिन के हिसाब से 780 केस प्रति दिन ये जाने वाला है, 15 हजार केस पर । तो ये हमारे डॉ वीके पॉल ने एनसीबीसी की तरफ से उनके चेयरमैनशिप में ये रिपोर्ट अक्टूबर पहले सप्ताह के अंदर दिल्ली सरकार को दे दी गई थी तो इन्होंने क्या तैयारी की है, आज हम इनसे ये जानना चाहते हैं। इस रिपोर्ट के अंदर कहा गया है कि 15 हजार के हिसाब से 20 प्रतिशत लोगों को टोटल दिल्ली के अंदर हॉस्पीटलाइजेशन की प्रतिदिन जरुरत पड़ेगी और प्रतिदिन के हिसाब से 15 हजार का 20 प्रतिशत अगर लगाएं तो प्रतिदिन 3,000 लोगों को प्रतिदिन एडिशनल हॉस्पटाइलेजशन की जरुरत पड़ेगी। डॉ. महेश वर्मा कमेटी जो पहले बनाई गई थी, उसमें कहा था कि जितने हॉस्पीटल बैड्स हैं, उसका 20 प्रतिशत आईसीयू के लिए होने चाहिए यानि इस 3 हजार का 20 प्रतिशत 600 को करीब प्रतिदिन आईसीयू बैड्स की जरुरत होनी चाहिए।

अब जो है आईसीयू बैड्स की स्थिति देख लें, ये अभी जो है 4 बजे का डैशबोर्ड है दिल्ली सरकार का, ये मेरे पास में है, इसकी कॉपी भी मैं आपको दे दूंगा। इसके अंदर कुल खाली जो हमारे आईसीयू बैड्स हैं, दिल्ली के अंदर टोटल वैकैंट आईसीयू बैड्स मिलाकर 603 हैं सिर्फ यानि सिर्फ एक दिन का एडीशनल दिन का सिर्फ आईसीयू बैड्स अवेलेबल हैं, यानि उसके नेक्स्ट डे, जो हमारे आगे आने वाले समय में जो जरुरत है, जैसे ये 15 हजार टच करेगा और ये 15 हजार टच करने वाला है, क्योंकि पिछले 2-3 दिन के अंदर टैस्टिंग जो है, वो बहुत कम हुई है, दिवाली की वजह से भाई दूज की वजह से, गोवर्धन पूजा की वजह से और ये इनके रिकॉर्ड हैं, 50 हजार से सीधे 21 हजार, 15 हजार के करीब सिर्फ टैस्ट हुए हैं, जो कि 50 हजार होते थे। अमित शाह जी ने और केजरीवाल जी ने, दोनों ने जो मीटिंग ली है, उसमें कहा है कि हम एक लाख तक टैस्ट लेकर जाएंगे और जैसे की एक लाख तक टैस्ट लेकर जाएंगे, और 15 प्रतिशत अगर पॉजीटिवीटी रेट रहेगा तो 15 हजार ऑटोमेटिकली आएगा ही और जैसे ही ये आयेगा, वैसे ही आईसीयू के ऊपर दबाव पड़ेगा तो उसकी क्या तैयारी अभी की जा रही है, इनके खुद के डैशबोर्ड अभी कहता है कि मात्र 600 बैड इनके खाली हैं और ये सिर्फ एक दिन का ही बोझ ले पाएगा और उससे ज्यादा का बोझ ये ले पाने की स्थिति में नहीं है। तो आज जब दिल्ली की स्थिति पूरे हमारे देश के अंदर मैंने आपको जैसे बताया जो एवरेज संक्रमण है, दिल्ली पांच गुना उससे आगे हैं। दिल्ली, सारे राज्यों में सबसे ऊपर है, ये पूरे राज्य का हमने एक चार्ट बनाया है, पूरे हर राज्य का, दिल्ली के साथ में जिसका संक्रमण दर प्रति मिलियन पॉप्यूलेशन के हिसाब से किया है और दिल्ली सबसे कहीं ज्यादा

Related posts

फरीदाबाद :बीजेपी नेता लोगों को कर रहे हैं गुमराह, हमें इनसे जनता को है बचाना, विजय प्रताप

webmaster

आईएमए की देशव्यापी हड़ताल की तारीख रद्द की गई, वीरवार को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की गई थी

webmaster

सुरजेवाला शब्दकोष में से कोई बेहतर शब्द निकालते और उसे कांग्रेस शासित प्रदेशों में लगाने की सलाह देते: दुष्यंत चौटाला 

webmaster