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कोरोना काल में अद्वितीय काम करने वाले 122 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करेगी केजरीवाल सरकार

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कोरोना काल में अद्वितीय काम करने वाले दिल्ली सरकार के स्कूलों के 122 शिक्षकों को केजरीवाल सरकार राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करेगी। दिल्ली स्टेट टीचर अवार्ड 2021 इस बार कई मायनों में काफी खास है। इस बार  ‘फेस ऑफ़ डीओई’ के साथ-साथ एससीईआरटी/डाइट के टीचर-एजुकेटरों को भी सम्मानित किया जाएगा। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोरोना काल में हमारे टीचर्स ने न केवल अपने स्टूडेंट्स की शिक्षा सुनिश्चित की बल्कि कोविड ड्यूटी में सबसे आगे रह कर और आगे बढ़कर नेतृत्व किया। हमारे शिक्षकों ने कोरोना के दौरान दिल्ली से अन्य राज्यों में चले गए बच्चों को कड़ी मेहनत से न सिर्फ ढूंढा बल्कि अपने खर्चों पर दिल्ली बुलाया। ऐसे बच्चे जो ऑनलाइन क्लास नहीं कर सकते थे उन्हें डिवाइस दिए, डेटा रिचार्ज करवाया लेकिन उनकी पढ़ाई नहीं रुकने दी। ये साल बहुत चुनौतीपूर्ण रहा हऐ फिर भी हमारे टीचर्स ने न केवल अपने स्टूडेंट्स की शिक्षा सुनिश्चित की बल्कि कोविड ड्यूटी में सबसे आगे रहकर नेतृत्व किया। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर शिक्षकों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि हमें अपने शिक्षकों पर गर्व है। दिल्ली की स्कूली शिक्षा में क्रन्तिकारी बदलाव उनकी बदौलत ही आए है। इसे अब विश्व स्तर पर भी मान्यता मिल चुकी है।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के शिक्षकों ने कोरोना के कठिन समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने न केवल प्रशासन के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर चलने का काम किया है बल्कि वैक्सीनेशन, क्वॉरेंटीन सेंटर, खाना बांटने, मास्क इन्फोर्समेंट, एयरपोर्ट् ड्यूटी सभी में उल्लेखनीय काम किया। इन ड्यूटी के साथ-साथ अपना मूल कर्तव्य निभाते हुए ऑनलाइन टीचिंग का काम भी जारी रखा और बच्चों की पढ़ाई को रुकने नहीं दिया। कोरोना के दौरान बड़े स्तर पर लोगों का माइग्रेशन हुआ, बहुत से बच्चे दूसरे राज्यों में चले गए। इसके बावजूद हमारे शिक्षकों ने न केवल इन बच्चों को ढूंढने का काम किया बल्कि अपने खर्चों पर बच्चों को दिल्ली बुलाया। ऐसे बच्चे जो ऑनलाइन क्लास नहीं कर सकते थे उन्हें डिवाइस दिए और डेटा रिचार्ज करवाया लेकिन उनकी पढ़ाई नहीं रुकने दी। इससे पता चलता है कि गुरु श्रेष्ठ है।दिल्ली सरकार हर साल शिक्षक दिवस के अवसर पर स्टेट टीचर अवार्ड द्वारा शिक्षकों को सम्मानित करती है और शानदार जश्न के माध्यम से उनका आभार प्रकट करती है। साल 2021 का स्टेट टीचर अवार्ड कई मायनों में विशेष रहेगा। इस बाबत उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस साल हमने स्टेट टीचर अवार्ड में कई प्रकार के बदलाव किए है। पहले ये अवार्ड केवल अकेडमिक क्षेत्र में दिया जाता था लेकिन इस साल इसमें कई अन्य फील्ड भी जोड़े गए है। उन्होंने बताया कि इस साल अवार्ड की संख्या पिछले साल की तुलना में 103 से बढ़ा कर 122 किया गया है।‌ उपमुख्यमंत्री ने कहा लोगों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी के जीवन में हमारे शिक्षकों का बड़ा योगदान रहा है। इसलिए कल शिक्षक दिवस के अवसर पर कम से कम अपने 1 शिक्षक को फोन कर उनके प्रति आभार प्रकट करे।‌कल शिक्षक दिवस के साथ-साथ शिक्षक आभार दिवस भी मनाये। उन्होंने मीडिया से भी अपील करते हुए कहा कि शिक्षक हमारे रियल लाइफ हीरो हैं। इसलिए शिक्षक दिवस के अवसर पर उनके कामों को मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचा कर उनका आभार व्यक्त करें। 
 
*इस साल दिल्ली स्टेट टीचर अवार्ड में किए गए कई  महत्वपूर्ण बदलाव*

1.सभी प्रमुख श्रेणियों में अवार्ड्स के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की गई है। एप्लीकेशन प्रोसेस को ऑनलाइन और लचीला बनाने के परिणामस्वरूप, इस वर्ष पुरस्कार के लिए 1108 एप्लीकेशन आए। पिछले तीन वर्षों में, यह क्रमशः 234, 148, 204 था।
2.स्टेट टीचर अवार्ड की पात्रता को 15 साल की सर्विस से घटाकर 3 साल कर दिया गया है।
3.अवार्ड्स की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 103 से बढ़कर इस वर्ष 122 की गई है।
4.इस वर्ष दो नए अवार्ड शुरू किए गए है 
•”फेस ऑफ डीओई”- ऐसे 2 शिक्षकों के लिए जिन्होंने कला, साहित्य, खेल आदि के क्षेत्र में रचनात्मकता का प्रदर्शन करने के लिए अपने स्टूडेंट्स को सक्षम बनाया है और एक्सीलेंस पाने में उनकी मदद की है और शिक्षा विभाग का मान-सम्मान बढ़ाने का काम किया है।
•टीचर-एजुकेटर – एससीईआरटी/डाइट से 5 टीचर-एजुकेटर को शिक्षकों के शिक्षक के रूप में  पुरस्कृत किया जाएगा|

5.पहले किसी भी स्कूल से अधिकतम 4 टीचर्स ही अवार्ड के लिए अप्लाई कर सकते थे। इसमें बदलाव किया गया है। अब एक स्कूल से बेहतर प्रदर्शन करने वाले कितने भी टीचर्स अवार्ड के लिए अप्लाई कर सकते है। ताकि बेहतर काम करने वाले ज्यादा से ज्यादा शिक्षक अवार्ड के लिए आवेदन कर सके। 

6.अब गेस्ट/कांट्रेक्ट टीचर्स भी रेगुलर टीचर्स के लिए निर्धारित नियम व शर्तों के अनुसार अवार्ड के लिए अप्लाई कर सकते है|

7.अवार्ड के लिए स्कूलों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनमें से  प्रत्येक में पुरस्कारों का कोटा निर्धारित किया गया है। ताकि सभी श्रेणी के आवेदकों का मूल्यांकन उनके स्कूलों में एनरोलमेंट के आधार पर किया जा सके और सभी को मौका मिल सके।
• स्कूलों में एनरोलमेंट 2500 से अधिक- कुल पुरस्कारों में से 50% इस श्रेणी के लिए • एनरोलमेंट 1000 से 2500 के बीच- इस श्रेणी को 33% अवार्ड • एनरोलमेंट 999 से कम- इस श्रेणी के लिए 17% अवार्ड 
8.इस साल से हेड ऑफ़ स्कूल द्वारा एप्लीकेशन को फॉरवर्ड करवाने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। टीचर्स अब डायरेक्ट ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस बाबत स्कूलों के प्रमुख को अब केवल तथ्यों को सत्यापित करने और निर्धारित समय के भीतर अपनी टिप्पणी ऑनलाइन भेज सकते है।
9.अवार्ड के लिए पिछले तीन सालों में एक टीचर या प्रिंसिपल के रूप में आवेदकों के प्रदर्शन और इनिशिएटिव को आनुपातिक महत्व दिया गया है। जैसे कोरोना के दौरान प्रदान की गई शैक्षणिक और आपातकालीन ड्यूटी और सेल्फ-डेवलपमेंट के लिए लिए गए इनिशिएटिव।

10.डीडीई (डिस्ट्रिक्ट) की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समिति ने डीओई की अवार्ड ब्रांच द्वारा तैयार की गई मार्किंग स्कीम के आधार पर आवेदकों को मार्क्स दिया गया है । प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी रखने के लिए समिति के सदस्यों में पूर्व अवार्डी, एसएमसी प्रतिनिधि और डीडीई (जोन)/स्थानीय निकायों के अधिकारी शामिल थे ।

*फेस ऑफ़ डीओई*

1. राज कुमार जी , दिल्ली सरकार में म्यूजिक टीचर, जो हाल ही में बिना रुके सबसे ज्यादा देर 32 घंटे 20 मिनट  तक सितार बजाने के लिए “गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड” में शामिल हुए है।
2. सुमन अरोड़ा जी , दिल्ली सरकार में मैथमेटिक्स की टीचर, जिनके प्रयासों से उनके स्कूलों के 23 छात्रों ने पिछले साल जेईई मेन्स और 5 ने जेईई एडवांस क्लियर किया है। उन्होंने खुद IIT दिल्ली से मैथमेटिक्स में M.Sc किया है और अपने वेतन का एक हिस्सा अपने छात्रों की उच्च शिक्षा के लिए अलग रखती है।
*उल्लेखनीय काम करने के लिए स्पेशल अवार्ड*
1. भारती  जी कालरा, दिल्ली सरकार के एक स्कूल में वाइस प्रिंसिपल, जिन्होंने उन 321 छात्रों की मदद की, जिनके माता-पिता ऑनलाइन कक्षाओं के लिए स्मार्ट फोन नहीं खरीद सकते थे

2.सरिता रानी भारद्वाज जी ,दिल्ली सरकार के स्कूल की शिक्षिका, जिन्होंने कोरोना महामारी के दौरान ऑनलाइन कक्षाओं के लिए फोन पर संपर्क नहीं करने वाले कक्षा 6 के छात्रों को खोजने के लिए हर संभव प्रयास कियाताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उन बच्चों की पढ़ाई जारी रहे और वे स्कूल से जुड़े रहें।
*विशेष*इस साल 80 टीचर कैटोगरी  अवार्डी में से:•57 महिला हैं और 23 पुरुष है •52 शिक्षा निदेशालय स्कूलों से, 15 निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों से, 13 लोकल बॉडीज के स्कूलों से हैं।
इस साल 21 प्रिंसिपल्स कैटोगरी अवार्डी में से:• 13 महिला हैं और 8 पुरुष• 15 शिक्षा निदेशालय स्कूलों से, 6 निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों से
•14 अवार्ड स्पोर्ट्स टीचर्स, 2 लाइब्रेरियन को भी अवार्ड दिया जाएगा|
•SCERT/DIETs से 5 टीचर-एजुकेटर: 1 डाइट प्रिंसिपल, 2 सीनियर लेक्चरर और 2 लेक्चरर को अवार्ड दिया जाएगा ।*****

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