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गुडगाँव

गुरुग्राम में करेंगे सिटी फॉरेस्ट विकसित, 15 अगस्त तक होगी जगह की घोषणा: राव नरबीर सिंह।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
गुरूग्राम: हरियाणा के वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने आज कहा कि गुरुग्राम शहर को हरा-भरा करना सभी की जिम्मेदारी है और यह कार्य अकेले सरकार नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में सिटी फॉरेस्ट विकसित किया जाएगा, जैसा कि पूरे एनसीआर में कहीं नहीं होगा और इसकी जगह की घोषणा 15 अगस्त से पहले कर दी जाएगी। राव नरबीर सिंह आज गुरुग्राम के स्वतंत्रता सेनानी जिला परिषद हॉल में वन विभाग द्वारा आयोजित ग्राम पंचायतों तथा आरडब्लूए प्रतिनिधियों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने वहां नजदीक ही पौधा लगाकर सभी लोगों को इस बरसात के मौसम में पौधे लगाने व उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में वन विभाग का एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है जिसमें से लगभग दो लाख पौधे अकेले गुरुग्राम में लगाए जाएंगे। साथ ही राव नरबीर सिंह ने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में गुरुग्राम सबसे प्रदूषित शहर है, लेकिन जब तक आम आदमी की सहभागिता नहीं होगी तब तक गुरुग्राम हरा भरा नहीं हो सकता। आज हम सभी मन बनाएं कि गुरुग्राम को सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाएंगे।

इसके लिए सभी नागरिक जिम्मेदारी लेकर पौधे लगवाए, उनका बच्चों की तरह पालन पोषण करें और पॉलिथीन का प्रयोग बंद करें तथा जितना हो सके पानी की बचत करें। इसे अपना धर्म, कर्म और कर्तव्य समझे। उन्होंने कहा कि यह हमारे अपने बच्चों के भविष्य के लिए जरूरी है, इसलिए अभी से सचेत हो जाएं। गुरुग्राम हिंदुस्तान का अग्रणी जिला है और पूरे देश की निगाहें हमारी तरफ है, हम गुरुग्राम को ऐसा शहर बनाएं कि यह देश में उदाहरण बने।राव नरबीर सिंह ने कहा कि हम अपने बेटा-बेटी के जन्मदिन पर, शादी की सालगिरह पर, बुजुर्गों की पुण्यतिथि आदि के अवसरों पर पौधे लगाकर उस याद को चिर स्थाई कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष से राज्य सरकार ने स्कूलों के छठी से बारहवीं तक के हर बच्चे से पौधा लगवाने का पौधागिरी कार्यक्रम शुरू किया और पौधे दिए भी गए परंतु क्या किसी ने यह देखा कि उनमें से कितने पौधे लगे और कितने जीवित रहे। कोई तो जिम्मेदारी ले, यह सभी का सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि वन विभाग तथा अन्य विभागों के अधिकारी अपनी फील्ड विजिट के दौरान स्कूलों में जाकर चेक करें। वन मंत्री ने कहा कि गुरूग्राम में विभिन्न कंपनियां, रिहायशी सोसायटी तथा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन अपने नजदीक सड़क के स्ट्रेच के साथ ग्रीन बेल्ट विकसित करने तथा पौधे लगाने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के साथ एमओयू साइन कर सकते हैं। इनमें कोशिश करें कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का ट्रीटेड पानी ही सिंचाई के लिए प्रयोग हो।



उन्होंने यह भी बताया कि जिला के गांव घामडोज में लगभग 40 एकड़ भूमि पर बंध बनाकर पानी की स्टोरेज की जाएगी। शनिवार को ही ऐसी जगहों की पहचान के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के साथ हवाई सर्वेक्षण किया, जिला में ढलान वाले क्षेत्रों में झील विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।इससे पहले, गुरु जल प्रोजेक्ट से सुबी ने जल शक्ति अभियान के अंतर्गत जिला में चलाई जाने वाली गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी और बताया कि गुरु जल टीम द्वारा जिला में 30 जलाशयों की पहचान की गई है जिन्हें विकसित करके उनमें पानी का भंडारण किया जाएगा तथा जल संचय के प्रयास किए जाएंगे।फरुखनगर नगर पालिका के सचिव केके यादव ने पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत उठाए गए कुछ कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि नगर पालिका में शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए निमंत्रण कार्ड की अनिवार्यता खत्म की गई है ताकि कागज के प्रयोग को कम किया जा सके। इसके अलावा थरमोकोल या प्लास्टिक वस्तुओं का प्रयोग नहीं करने वाले व्यक्ति को पर्यावरण मित्र पुरस्कार से नवाजा जाता है। नगर पालिका द्वारा विवाह या अन्य आयोजनों के लिए निशुल्क स्टील के बर्तन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं ताकि प्लास्टिक से बने बर्तनों का इस्तेमाल ना करना पड़े। मंडल वन अधिकारी सुभाष यादव ने मंत्री तथा अन्य अतिथियों का स्वागत किया और बताया कि ग्राम पंचायतों के लिए राज्य सरकार द्वारा लागू की जा रही 7 स्टार इंद्रधनुष योजना में भी पर्यावरण संरक्षण का एक कंपोनेंट है और पर्यावरण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाली ग्राम पंचायत को प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान भी है।

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